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बालाघाट में लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार सुबह बस स्टैंड से लगे चर्च के पास करीब 60 साल पुराना पीपल का पेड़ धराशायी हो गया। घटना सुबह के समय हुई, जब सड़क पर आवाजाही अपेक्षाकृत कम थी। राहत की बात रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। पेड़ गिरने के करीब तीन घंटे बाद भी नगर पालिका की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके चलते बुढ़ी मार्ग पर आवागमन बाधित रहा और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूली बच्चों और राहगीरों ने उठाया जोखिम गिरे हुए पेड़ के कारण लोगों को उसके नीचे से दोपहिया वाहन निकालने पड़े। वहीं स्कूली बच्चों और अन्य राहगीरों ने भी जोखिम उठाकर रास्ता पार किया। यह स्थान नगर पालिका कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। प्रत्यक्षदर्शी बोले- लगा जैसे भूकंप आ गया प्रत्यक्षदर्शी नितिन ने बताया कि वह राजेश सिंह के साथ खड़े थे, तभी पेड़ धीरे-धीरे गिरने लगा। उन्हें कुछ पल के लिए लगा कि भूकंप आ गया है। समय रहते हट जाने से वे बाल-बाल बच गए। पूर्व पार्षद अनिल सोनी ने बताया कि घंटों बाद भी पेड़ हटाने के लिए नगर पालिका का अमला नहीं पहुंचा। घटना के बाद विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी।
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बालाघाट में 60 साल पुराना पीपल का पेड़ गिरा:3 घंटे तक नहीं पहुंची नपा, आवागमन बाधित; प्रत्यक्षदर्शी बोले-ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया
