Headlines

नीमच में क्षतिग्रस्त बस में बैठाने पर यात्रियों का हंगामा:आगे का कांच टूटा, AC बंद; मैनेजर बोला- जिसे नहीं जाना, वो टिकट वापस ले




मंदसौर से दिल्ली जा रही अशोक ट्रेवल्स की बस को लेकर नीमच में यात्रियों ने हंगामा किया। यात्रियों का आरोप था कि बस का आगे का कांच टूटा हुआ था, गेट रस्सी से बंधा था और एसी काम नहीं कर रहा था। यात्रियों ने बस को आगे ले जाने का विरोध किया। एसी ठीक कराने और करीब साढ़े तीन घंटे की देरी के बाद बस रात करीब 11:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई। बस की हालत को लेकर यात्रियों ने जताई नाराजगी यात्रियों के मुताबिक, बस मंदसौर से शाम 6:35 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। बस में सवार दिल्ली जा रहे पंकज कुमार ने बताया- हम मंदसौर ग्रुप की अशोक ट्रेवल बस में नीमच पहुंचे। हमें दिल्ली जाना था, मंदसौर से 6:35 का टाइम था। हम एग्जैक्ट टाइम पर पहुंचे थे इसलिए उस समय ध्यान नहीं दिया जब बस रवाना हुई उसके बाद रास्ते में AC नहीं चला तो बस चालक को बोला। उन्होंने आगे जाकर ठीक कराने की बात कही। उसके बाद जब बस नीमच पहुंची तो हमने देखा कि बस का आगे का ग्लास टूटा हुआ था। उनका कहना था कि गेट भी रस्सी से बंधा था। इसके बाद करीब 40 यात्रियों ने बस को आगे ले जाने का विरोध किया और दूसरी बस उपलब्ध कराने की मांग की। AC ठीक कराने के बाद भी 3.5 घंटे खड़ी रही बस हंगामे के बाद एसी ठीक करने वाले को बुलाया गया। एसी ठीक होने के बावजूद बस करीब साढ़े तीन घंटे तक नीमच स्थित अशोक ट्रेवल्स के कार्यालय के बाहर खड़ी रही। सूचना मिलने पर कैंट पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों के अनुसार, मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई थी। हालांकि, यात्रियों का कहना था कि रात करीब 11:30 बजे तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। मैनेजर बोले- जाना है तो इसी बस से जाएं इस दौरान यात्रियों और अशोक ट्रेवल्स के नीमच मैनेजर मेहुल जैन के बीच बातचीत और बहस होती रही। यात्रियों ने बताया की मैनेजर बोला- जो यात्री इस बस से जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। जो नहीं जाना चाहते, वे अपना टिकट वापस ले सकते हैं। यात्री पंकज का कहना है कि आगे का कांच टूटा होने की स्थिति में रात के समय ड्राइवर को परेशानी हो सकती थी। यात्रियों ने मांग की कि उन्हें दूसरी बस का इंतजाम कर भेजा जाना चाहिए था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *