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धौलपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में महिला का शव रखकर प्रदर्शन करने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने राजस्थान मृत शरीर का सम्मान अधिनियम-2023 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर दर्ज इस मामले में एंबुलेंस ड्राइवर, संचालक और मृतका के परिजनों को आरोपी बनाया गया है। अधिनियम के तहत शव का उपयोग प्रदर्शन या किसी पर दबाव बनाने के लिए करना दंडनीय अपराध माना गया है। 21 जुलाई की घटना पर कार्रवाई एफआईआर के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को मृतका का शव जिला कलेक्ट्रेट परिसर में रखकर प्रदर्शन किया गया था। इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर संस्थापक अधिकारी ऋतुराज शर्मा ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रसव के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत घटनाक्रम के अनुसार, महिला ने सामान्य प्रसव के दौरान एक बच्ची को जन्म दिया था। प्रसव के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई, जिस पर जिला अस्पताल से उसे उच्च केंद्र के लिए रेफर किया गया। इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। गांव की बजाय कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन महिला की मौत के बाद परिजन शव को गांव ले जाने के बजाय एंबुलेंस से सीधे जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया गया, जिससे प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। निजी क्लीनिक पर भी हुई कार्रवाई घटना के बाद जिला कलेक्टर के निर्देश पर शहर के गौरव पथ स्थित एक निजी क्लीनिक पर भी कार्रवाई की गई। देर रात प्रशासन ने क्लीनिक को सीज कर दिया। मामले की जांच और संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल जारी है।
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कलेक्ट्रेट में शव रखकर प्रदर्शन पर एफआईआर:परिजन और एंबुलेंस ड्राइवर-संचालक नामजद, राजस्थान अधिनियम-2023 में कार्रवाई
