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बड़वानी में, दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ बुधवार को खरगोन-बड़वानी लोकसभा इलाके में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया। सेंधवा और बड़वानी से आए एक दर्जन से ज्यादा छात्रों ने बड़वानी में सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के घर के बाहर धरना दिया। हल्की बारिश के बीच भी छात्र घंटों तक वहां डटे रहे। प्रदर्शन की शुरुआत में सिर्फ दो छात्र ही पहुंचे थे। इसकी खबर मिलते ही शहर कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन मौके पर आए, लेकिन कम संख्या देखकर वापस लौट गए। हालांकि, इसके बाद सोशल मीडिया और आपस में संपर्क के जरिए खबर फैलते ही 12 से ज्यादा छात्र इकट्ठा हो गए। छात्रों ने अपने हाथों में पोस्टर, तख्तियां और संविधान की किताब लेकर केंद्र सरकार और स्थानीय सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सांसद की चुप्पी पर उठाए सवाल धरने का नेतृत्व कर रहे सेंधवा के छात्र अमरदीप चौहान ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठियां चलाना बेहद गलत है। उन्होंने कहा कि युवाओं की बात सुनने की बजाय उन पर लाठियां बरसाना किसी भी सरकार को शोभा नहीं देता। सबसे दुखद बात यह है कि हमारे क्षेत्र के आदिवासी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल इस पूरे मामले पर चुप बैठे हैं। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग छात्रों ने कहा कि इस घटना को लेकर पूरे खरगोन-बड़वानी इलाके के युवाओं में भारी गुस्सा है। जब देश भर के छात्र सड़कों पर उतरे हैं, तो हमारे जनप्रतिनिधि क्यों खामोश हैं? प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। राजनीति गरमाई, सुरक्षा बढ़ाई गई छात्रों ने सरकार से पढ़ाई और परीक्षाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस प्रदर्शन के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और बुधवार दोपहर तक सांसद आवास के बाहर पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
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छात्रों ने बड़वानी सांसद का आवास घेरा:बोले- देश भर के स्टूडेंट्स सड़कों पर, हमारे जनप्रतिनिधि क्यों खामोश हैं?
