राज्य में सिनेमा संस्कृति को एक नई दिशा देने के लिए झारखंड सरकार और भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन आने वाले देश के प्रतिष्ठित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के बीच ऐतिहासिक करार हुआ।
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इस करार के तहत रांची में ‘फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ झारखंड’ (JFTI) की स्थापना होगी।
बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और SRFTI के बीच एमओयू पर आधिकारिक मुहर लगी।

प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और SRFTI के बीच एमओयू पर आधिकारिक मुहर लगी।
फिल्म एप्रिसिएशन, डायरेक्शन एडिटिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग के कोर्स
फिलहाल इंस्टीट्यूट में शॉर्ट टर्म कोर्सेज चलाए जाएंगे। ये क्लासेज सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10 से शाम 5 बजे तक होंगे, जिससे शहर के स्टूडेंट्स और वर्किंग प्रोफेशंस भी आसानी से अपनी स्किल सुधार सकेंगे। उपकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर की पूरी जिम्मेदारी ‘झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ की होगी।

सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के सहयोग से संस्थान संचालित होगा।
फिलहाल सूचना भवन में शॉर्ट टर्म कोर्सेज शुरू होंगे। फिर अगले सेशन से यूजी कोर्सेज की शुरुआत होगी। आगे पीजी कोर्स भी होंगे। शॉर्ट टर्म कोर्सेज में फिल्म एप्रिसिएशन, एडिटिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग, सिनेमेटोग्राफी, डायरेक्शन, एनिमेशन आदि कोर्सेज की पढ़ाई होगी।

दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
SRFTI की देखरेख में होगी पढ़ाई
संस्थान में पढ़ाई कराने में सहयोग सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता करेगा। छात्रों की परीक्षा, मूल्यांकन और मिलने वाली डिग्री/सर्टिफिकेट की व्यवस्था भी SRFTI के मानकों के तहत होगी। राज्य सरकार द्वारा बनाई जाने वाली लाइब्रेरी के लिए SRFTI बेहतरीन किताबों और विश्व प्रसिद्ध फिल्मों की लिस्ट (Bibliography & Filmography) सुझाएगा।
यहां खुलने जा रहे संस्थान में SRFTI अपने अनुभवी प्रोफेसर्स और तकनीकी स्टाफ को रांची भेजेगा, जो सीधे छात्रों को गाइड करेंगे। नए डायरेक्टर्स, एक्टर्स और फिल्म टेक्नीशियंस को ध्यान में रखकर आधुनिक कोर्स और शेड्यूल तैयार किए जाएंगे।

लोगों को संबोधित करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।
कैमरे के सामने हो या पीछे, हर हुनर महत्वपूर्ण है: सीएम
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा- आज कलाकार फिल्म, रील और अन्य रचनात्मक माध्यमों से अपनी प्रतिभा दुनिया तक पहुंचा रहे हैं। कैमरे के सामने हो या पीछे, हर हुनर महत्वपूर्ण है। इन्हीं प्रतिभाओं को एक साझा मंच और नए अवसर देने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।
झारखंड के होनहार, क्रिएटिव युवाओं के लिए एक प्लेटफॉर्म हम लोगों ने तैयार किया है और इस प्लेटफॉर्म का आज विधिवत रूप से झारखंड सरकार का एक अंग JFDC और SRFTI कोलकाता के सहयोग से इस प्लेटफॉर्म को स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा- झारखंड प्रतिभाओं की धरती है। संथाली फिल्म को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार इसकी क्षमता का प्रमाण है। सही मंच और प्रोत्साहन मिले, तो कई और उपलब्धियां संभव हैं। एम.एस. धोनी, दिल बेचारा और गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी फिल्मों की शूटिंग भी यहां हुई है।
प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक प्रकाश झा की शिक्षा-दीक्षा भी झारखंड में हुई है और आज वे किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। यह इस धरती की प्रतिभा और संभावनाओं का प्रमाण है। मुझे विश्वास है कि ये मंच झारखंड के युवाओं के लिए रचनात्मक भविष्य का एक नया आयाम खोलने जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा- एक समय डॉक्टर और इंजीनियर बनना ही सबसे बड़ा सपना माना जाता था, लेकिन आज हर क्षेत्र में अवसर हैं। इसी सोच के साथ यह मंच बनाया गया है, ताकि युवा अपनी प्रतिभा निखारें, नई पहचान बनाएं और अनुभवी संस्थाओं के मार्गदर्शन से आगे बढ़ें।
फिल्म का माहौल बनेगा, सिनेमा कल्चर डेवलप होगा
इधर, संस्थान को लेकर आईपीआरडी के ज्वाइंट डायरेक्टर आनंद ने कहा कि झारखंड में शुरू से सिनेमा का अलग ही माहौल रहा है। ऋत्विक घटक से लेकर सत्यजीत रे ने यहां अपनी फिल्मों की शूटिंग की है।
यहां के कितने युवा महानगरों में अच्छा काम कर रहे हैं। अब जेएफडीसीएल इस इंस्टीट्यूट की स्थापना से फिर से यहां फिल्म का स्वस्थ माहौल बनाने की पहल कर रहा है। इससे सिनेमा कल्चर डेवलप होगा।
