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पर्यटन विकास के 32 प्रस्तावों की समीक्षा बैठक:बरेली में नाथ कॉरिडोर, ईको-टूरिज्म और धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी




बरेली मंडल में पर्यटन विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को बरेली मंडल के पर्यटन विकास से जुड़े 32 प्रस्तावों की समीक्षा की। बैठक में नाथ कॉरिडोर, सीबीगंज का 7 करोड़ रुपए का ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट और ‘परंपरा’ पर्यटन एवं संस्कृति सेंटर प्रमुख आकर्षण रहे। बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं के धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटक सुविधाएं विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं जन उपयोगिता, ऐतिहासिक प्रमाण और गुणवत्ता के आधार पर तय समय में पूरी हों, ताकि क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल सके। चार जिलों के 32 प्रस्तावों पर मंथन
वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में पर्यटन विभाग के 26 प्रस्ताव शामिल हैं। इनमें बरेली के 12, शाहजहांपुर के 8, पीलीभीत और बदायूं के 3-3 प्रस्ताव हैं। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की संस्तुति पर तीन नए प्रस्ताव भी जोड़े गए हैं। इसके अलावा धार्मिक कार्य विभाग के दो और संस्कृति विभाग के तीन प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। पर्यटन और धार्मिक कार्य विभाग की परियोजनाओं पर 35 करोड़ रुपये से अधिक खर्च का अनुमान है। ‘परंपरा’ सेंटर से मिलेगी नई पहचान
बैठक में बरेली मंडल के लिए प्रस्तावित ‘परंपरा’ पर्यटन एवं संस्कृति वन-स्टॉप सेंटर को विशेष महत्व दिया गया। इसका उद्देश्य चारों जिलों के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों को एक साझा पहचान देना है। इससे कम प्रसिद्ध स्थलों को भी पर्यटन परिपथ से जोड़ने में मदद मिलेगी। सीबीगंज में बनेगा ईको-टूरिज्म पार्क
सीबीगंज क्षेत्र में करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ईको-टूरिज्म परियोजना पर भी चर्चा हुई। इसमें हरित क्षेत्र, गज़ेबो, प्राकृतिक भ्रमण पथ और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना है। धार्मिक स्थलों पर बढ़ेंगी सुविधाएं
पर्यटन विभाग ने विभिन्न मंदिरों, आश्रमों, गुरुद्वारों और धार्मिक स्थलों पर बहुउद्देशीय भवन, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, साइनेज, क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य कराने का प्रस्ताव रखा। बरेली और शाहजहांपुर के प्रमुख स्थल शामिल
बरेली के प्रस्तावों में बालाजी मंदिर, श्री चित्रगुप्त धाम, संजय नगर गुरुद्वारा, काली माता मंदिर और काली देवी मंदिर समेत कई स्थल शामिल हैं। शाहजहांपुर में सुनासिर नाथ मंदिर, बाबा विश्वनाथ मंदिर, हनुमंत धाम और परशुराम पुरी मंदिर परिसर के विकास पर चर्चा हुई। नाथ कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा
मंत्री ने निर्माणाधीन नाथ कॉरिडोर परियोजना की भी समीक्षा की। अलखनाथ मंदिर, तुलसी मठ और तपेश्वर नाथ समेत अन्य नाथ मंदिरों में चल रहे कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवंबर के अंत या दिसंबर 2026 के मध्य तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को समेकित आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। रामलीला मैदान और ऑडिटोरियम पर भी फोकस
संस्कृति विभाग ने शाहजहांपुर के कांट, पीलीभीत के पूरनपुर और बरेली के फतेहगंज पश्चिमी के रामलीला मैदानों के विकास का प्रस्ताव रखा। इन्हें वर्षभर सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पीलीभीत के ऐतिहासिक रामलीला मैदान का 72 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं बदायूं के दातागंज में 500 सीट क्षमता वाले ऑडिटोरियम और सार्वजनिक पुस्तकालय का 17 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जिसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐतिहासिक प्रमाण और गुणवत्ता पर जोर
जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावों के ऐतिहासिक और धार्मिक दावों का प्रमाणिक अभिलेखों से सत्यापन किया जाए। भूमि की स्थिति, वास्तविक लागत और रखरखाव की स्पष्ट योजना तैयार होने के बाद ही अंतिम स्वीकृति दी जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, नियमित निरीक्षण और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, महापौर डॉ. उमेश गौतम, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, कुंवर महाराज सिंह, विधायकगण, मंडलायुक्त, DM बरेली और पर्यटन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।



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