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बिहार राज्य किसान सभा की सहरसा जिला इकाई ने बुधवार शाम वीर कुंवर सिंह चौक पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज और छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने की मांग उठाई। घटना की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस ने कथित तौर पर बर्बरता की। उन्होंने यह भी दावा किया कि सिविल ड्रेस में मौजूद कुछ लोगों ने भी प्रदर्शनकारियों, विशेषकर छात्र-छात्राओं, के साथ मारपीट की। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरएसएस पर लगाए आरोप, लोकतांत्रिक संवाद की कही बात ओमप्रकाश नारायण ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी आरोप लगाए और उस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार को विरोध की आवाज को बलपूर्वक दबाने के बजाय लोकतांत्रिक संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जताई आपत्ति प्रदर्शन के दौरान ओमप्रकाश नारायण ने दावा किया कि भारत-अमेरिका व्यापार व्यवस्था में प्रस्तावित बदलावों से भारतीय किसानों और उद्योगों को नुकसान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ बढ़ाने और अमेरिकी उत्पादों के लिए भारतीय बाजार को अधिक खोलने से घरेलू कृषि और उद्योग प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस व्यापार समझौते को तत्काल रद्द करने की मांग की। बड़ी संख्या में किसान सभा और भाकपा कार्यकर्ता रहे मौजूद कार्यक्रम में किसान सभा के जिला सचिव विजय कुमार यादव, जिला अध्यक्ष खड़ानंद ठाकुर, राजकुमार चौधरी, सुरेश साह, अमर कुमार पप्पू, राजाराम भगत, शंकर कुमार, भवेश यादव, चंद्रकांत मुखिया, मो. जाकिर, केदार राम, राजेश कुमार, अरुण यादव सहित बड़ी संख्या में किसान सभा और भाकपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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सहरसा में किसान सभा का प्रदर्शन:पीएम का पुतला फूंक जताया विरोध, संसद मार्च में लाठीचार्ज का किया विरोध
