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नंदीश्वर जिनालय में आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ में गुरुवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह भगवान जिनेंद्र का अभिषेक और शांतिधारा के बाद श्रद्धालुओं ने अष्टद्रव्यों से विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर सिद्धचक्र मंडल पर अर्घ्य समर्पित किए। पूरे जिनालय परिसर में भक्ति का वातावरण बना रहा। पदेन अध्यक्ष प्रमोद चौधरी ने बताया कि विधान के दौरान इंद्र-इंद्राणियों ने भगवान सिद्ध की आराधना करते हुए 64 अर्घ्य मंडल पर समर्पित किए। इंद्राणियों ने मंगल गीतों के माध्यम से भगवान के अनंत गुणों का गुणगान किया, जिससे पूरा परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया। अनुष्ठान प्रतिष्ठाचार्य पंडित वर्धमान सोरया के निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चार एवं जैन परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सिद्धचक्र महामंडल विधान आत्मशुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और विश्व कल्याण की भावना को सशक्त करने वाला महाअनुष्ठान है। इसमें श्रद्धा और समर्पण के साथ की गई आराधना का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि पूरे अनुष्ठान का नेतृत्व नंदीश्वर जिनालय के अध्यक्ष एडवोकेट विजय चौधरी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन 29 जुलाई को विश्व शांति महायज्ञ एवं पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा।
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भोपाल में विश्व शांति के लिए हुआ महायज्ञ:नंदीश्वर जिनालय में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में उमड़ी श्रद्धा
