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बरनाला में युवती बंधक बना गैंग रेप:अकाली नेता, तांत्रिक सहित 6 दोषी करार, महिला ने धन वर्षा कराने की लालच दे फंसाकर बेचा




बरनाला की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2020 के चर्चित व खौफनाक सामूहिक दुष्कर्म और मानव तस्करी मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए छह आरोपियों को दोषी ठहराया है। आरोपियों ने अंधविश्वास और धन वर्षा का झांसा देकर एक 20 वर्षीय असहाय युवती को अपने जाल में फंसाया, उसका यौन शोषण किया और उसे बेच दिया। अदालत जल्द ही दोषियों की सजा का ऐलान करेगी। इसके साथ ही पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण संतोष रानी नाम की महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके अलावा जांच में लापरवाही के आरोपी तीन पुलिसकर्मियों (सब-इंस्पेक्टर गुलाब सिंह, दर्शन सिंह व एक अन्य) को भी अदालत ने बरी कर दिया है। अकाली नेता और ढोंगी बाबा समेत 6 लोग दोषी करार 1-मनोज बाबा (हरियाणा का ढोंगी तांत्रिक) 2-धर्मेंद्र घड़ियावाला (शिरोमणि अकाली दल का स्थानीय नेता) 3-कर्मजीत कौर उर्फ अमन (मुख्य साजिशकर्ता महिला) 4-बलजीत कौर (बठिंडा निवासी महिला) 5-लखविंदर सिंह (बलजीत कौर का बेटा) 6- चंद लाल अंधविश्वास, धोखे और हैवानियत की पूरी कहानी अदालत में पीड़िता का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अर्शदीप सिंह अर्शी ने मामले की दर्दनाक कहानी का खुलासा किया। इसको इन तीन पॉइंट से समझिए धनवर्षा की लालच देकर फंसाया: आर्थिक तंगी से जूझ रही पीड़िता के घर में किराए पर रहने वाली कर्मजीत कौर ने उसे धन वर्षा का लालच दिया। उसने कहा कि हरियाणा के तांत्रिक मनोज बाबा की पूजा से घर में पैसे की बारिश होगी, जिसके लिए एक कुंवारी लड़की का होना ज़रूरी है। इससे उसके जाल में फंस गया। बंधक बनाकर दुष्कर्म: कर्मजीत युवती को जाल में फंसाकर लाई। इसके बाद आरोपियों ने अकाली नेता धर्मेंद्र घड़ियावाला की मिलीभगत से युवती को एक स्थान पर बंधक बनाया गया, जहां ढोंगी बाबा मनोज ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जबरन निकाह/शादी: हैवानियत के बाद आरोपियों ने पीड़िता का सौदा कर दिया और उसे बठिंडा की बलजीत कौर को बेच दिया। बलजीत ने पीड़िता का जबरन अपने बेटे लखविंदर सिंह के साथ विवाह करवा दिया। ‘नरक’ से भागकर पुलिस तक पहुंची पीड़िता, तब दर्ज हुआ केस गायब होने के बाद डर और खौफ के साए में पीड़िता ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने वाला बयान दिया था। हालांकि, फरवरी 2021 में वह किसी तरह बठिंडा स्थित अपने तथाकथित ससुराल के चंगुल से भाग निकली और सीधे बरनाला पुलिस के पास पहुंची। पुलिस के सामने आपबीती सुनाने के बाद मामले में सामूहिक दुष्कर्म और मानव तस्करी की गंभीर धाराएं जोड़ी गईं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में दोषियों को न्यूनतम 20 साल की कठोर कैद से लेकर उम्रकैद तक की सजा होना तय है।



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