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किसान संगठन जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के समर्थन में:मैनपुरी में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा, मांगें न मानीं तो दिल्ली कूच की चेतावनी




मैनपुरी में अहिल्याबाई होल्कर किसान संगठन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया है। संगठन ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा, जिसमें छात्रों की मांगों को पूरा करने, पुलिस बर्बरता की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई। संगठन ने पेपर लीक पर सख्त कानून बनाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। संगठन के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव शत्रुघ्न सिंह के नेतृत्व में लगभग 50 कार्यकर्ता और पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। ज्ञापन में कहा गया कि जंतर-मंतर पर छात्र लंबे समय से पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सहित विभिन्न मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर कथित तौर पर बल प्रयोग किया गया, जिसे संगठन ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। शत्रुघ्न सिंह ने जोर देकर कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता से निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है, इसलिए ऐसे मामलों में कठोर कानून बनाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की। सिंह ने यह भी कहा कि यह आंदोलन अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि देश का किसान भी छात्रों के साथ खड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्रों की आवाज को दबाने का कोई भी प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ अभद्रता और बर्बरता की गई, जिसके लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्र भी आम परिवारों से आते हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं, तो किसान संगठन दिल्ली कूच करने को मजबूर होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में किसान दिल्ली कूच करेंगे और जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के आंदोलन का समर्थन करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर छात्रों की मांगों पर शीघ्र निर्णय कराने की अपील की गई।



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