नीट परीक्षा पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और छात्र आंदोलन पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को सीवान में बिहार बंद का कोई खास असर नहीं दिखा।
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AISA और RYA के आह्वान पर आयोजित इस बंद के दौरान जिला प्रशासन की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही। बंद को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क था।
शुक्रवार शाम जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने सशस्त्र बलों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला था, जिससे शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का संदेश दिया गया। शनिवार सुबह से ही शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मजबूत तैनाती देखी गई।
कार्यकर्ता ने सड़क जाम कर नारेबाजी की
सुबह करीब नौ बजे AISA और RYA के कार्यकर्ता जुलूस के साथ जेपी चौक पहुंचे और कुछ देर के लिए सड़क जाम कर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की।
पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ देर तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन पुलिस के सख्त रुख के बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हट गए और यातायात सामान्य हो गया।
इसके बाद छात्र नेताओं ने जेपी चौक पर एक सभा आयोजित की। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
प्रदर्शन के दौरान की तस्वीरें…

कॉकरोच बनकर प्रदर्शन में आया युवक।

प्रदर्शन में पुरुष-महिला समेत छात्र शामिल।

प्रशासन को देखकर अलर्ट हो रहे छात्र।
इन विरोध प्रदर्शनों के बावजूद, बंद का असर शहर के जनजीवन पर नहीं पड़ा। बाजार खुले रहे, वाहन चलते रहे और लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त रहे।
जिला प्रशासन अलर्ट मोड में रहा। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही और लगातार गश्त की जाती रही। प्रशासन की सख्ती और सुरक्षा व्यवस्था के कारण कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। कुल मिलाकर, सीवान में बिहार बंद का आह्वान पुलिस की प्रभावी रणनीति और व्यापक सुरक्षा इंतजामों के आगे पूरी तरह फीका पड़ गया।
