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चोरी में बाइक चोरी-धडल्ले से घूम रहे चोर:मालिक के मोबाइल पर आया चालान, पूरे शहर में CCTV, पुलिस के हाथ खाली




चंडीगढ़ में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक अनोखा मामला सामने आया है। सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत के बाहर से एक व्यक्ति की बाइक चोरी हो गई। पीड़ित ने उसी दिन पुलिस को सूचना देकर शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने मामले में डीडीआर भी दर्ज कर ली। पीड़ित को उम्मीद थी कि पुलिस जल्द उसकी बाइक ढूंढ लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हैरानी की बात यह है कि बाइक चोरी होने के तीन दिन बाद उसी बाइक का ट्रैफिक चालान कट गया। चालान का मैसेज सीधे बाइक मालिक के मोबाइल पर पहुंचा। जब उसने चालान खोला तो उसमें उसकी चोरी हुई बाइक की तस्वीर थी। फोटो में दो युवक बिना हेलमेट के उसकी बाइक चलाते दिखाई दे रहे थे। यह देखकर पीड़ित हैरान रह गया, क्योंकि जिस बाइक की चोरी की सूचना वह पहले ही पुलिस को दे चुका था, वही बाइक शहर की सड़कों पर खुलेआम घूम रही थी। पीड़ित सुनील गुप्ता का कहना है कि यदि ट्रैफिक कैमरों में चोरी की बाइक की तस्वीर कैद हो सकती है और उसका चालान भी कट सकता है, तो पुलिस उसी आधार पर चोरों तक भी पहुंच सकती थी। इसके बावजूद अब तक न तो बाइक बरामद हुई है और न ही चोरी करने वाले आरोपी पकड़े गए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस चोरी की बाइक तलाशने के बजाय उन्हें ही बार-बार अलग-अलग औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कह रही है। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोर्ट में पेशी वापस लौटा तो बाइक गायब सेक्टर-41डी निवासी सुनील गुप्ता, जो वेंडर का काम करते हैं, ने बताया कि उनका एक मामला सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में चल रहा है। इसी मामले की सुनवाई के लिए उन्हें 20 जुलाई 2026 को अदालत में पेश होना था। वह सुबह अपनी काले रंग की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (नंबर CH-01-BH-3192) लेकर जिला अदालत पहुंचे। सुनील ने बताया कि उन्होंने अदालत के गेट नंबर-2 के बाहर सड़क किनारे अपनी बाइक अच्छी तरह लॉक लगाकर खड़ी की और सुनवाई के लिए कोर्ट नंबर-19 में चले गए। उन्हें भरोसा था कि अदालत परिसर के बाहर खड़ी बाइक सुरक्षित रहेगी। लेकिन जब सुनवाई खत्म होने के बाद वह वापस लौटे तो उनकी बाइक वहां से गायब थी। उन्होंने पहले आसपास काफी देर तक बाइक की तलाश की और वहां मौजूद लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन बाइक का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्हें समझ आ गया कि उनकी बाइक चोरी हो चुकी है। इसके तुरंत बाद उन्होंने पास की पुलिस चौकी पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी बाइक चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस चौकी में दर्ज करवाई शिकायत बाइक चोरी होने के बाद सुनील गुप्ता ने तुरंत सेक्टर-43 स्थित पुलिस चौकी पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह अपनी बाइक लॉक लगाकर कोर्ट में गए थे, लेकिन वापस आने पर बाइक गायब थी। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर डीडीआर नंबर-21 दर्ज कर ली। सुनील गुप्ता ने बताया कि 23 जुलाई 2026 की रात करीब 10:40 बजे उनके मोबाइल पर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की ओर से एक ई-चालान का संदेश आया। पहले तो उन्हें लगा कि शायद कोई गलती से मैसेज आ गया है, लेकिन जब उन्होंने चालान का लिंक खोलकर देखा तो वह हैरान रह गए। चालान में उनकी उसी स्प्लेंडर प्लस बाइक का नंबर दर्ज था, जो 20 जुलाई को चोरी हो चुकी थी। चालान के अनुसार बाइक का चालान शास्त्री नगर लाइट प्वाइंट, बापूधाम में काटा गया था। सबसे हैरानी की बात यह थी कि चालान के साथ लगी फोटो में उनकी बाइक साफ दिखाई दे रही थी। बाइक पर दो युवक बिना हेलमेट के बैठे हुए थे और खुलेआम उसे चला रहे थे। चालान देखकर रह गए हैरान सुनील गुप्ता ने कहा जिस बाइक की चोरी की सूचना वह पहले ही पुलिस को दे चुके थे, उसी बाइक का ट्रैफिक चालान उनके मोबाइल पर पहुंच गया। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी संबंधित पुलिस अधिकारियों को भी दी और बताया कि इससे पुलिस को चोरों तक पहुंचने का एक बड़ा सुराग मिल सकता है। पीड़ित का कहना है कि चंडीगढ़ में लगभग हर प्रमुख सड़क, ट्रैफिक लाइट और चौक पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसके बावजूद चोरी की बाइक शहर में खुलेआम घूमती रही और ट्रैफिक कैमरे में भी कैद हो गई, लेकिन पुलिस अभी तक आरोपियों को नहीं पकड़ सकी। चोर नहीं मिला मुझ पर बना रहे दबाव सुनील गुप्ता का आरोप है कि उन्होंने बाइक चोरी होने के दिन ही पुलिस को सूचना देकर डीडीआर दर्ज करवा दी थी। इसके बावजूद अब पुलिस उनसे ई-एफआईआर दर्ज कराने के लिए कह रही है। उनका कहना है कि पुलिस चोरी की बाइक और आरोपियों को पकड़ने के बजाय उन पर ही अलग-अलग औपचारिकताएं पूरी करने का दबाव बना रही है।



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