दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर2 मिनट पहले
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पढ़ाई और कोचिंग कर रही टीनएज लड़कियों में दाढ़ी-मूंछ की तरह अनचाहे बाल आने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। जच्चा-बच्चा अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने बताया कि, 8 से 13% किशोरियां पॉलीमेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) और करीब 5% लड़कियां ‘हिर्सुटिज़्म’ (पुरुषों जैसे बाल आने) की शिकार हो रही हैं।
एंड्रोजन हार्मोन बढ़ने से हो रही इस गड़बड़ी के कारण लड़कियां हीन भावना (इंफीरियरिटी कॉम्प्लेक्स) का शिकार हो रही हैं, हालांकि उनका कहना है कि लाइफस्टाइल में बदलाव और दवाओं से इसका इलाज पूरी तरह संभव है।

डॉ. रेनू गुप्ता ने बताया कि लाइफस्टाइल में बदलाव और दवाओं से PCOS व अनचाहे बालों की समस्या का इलाज संभव है।
जानिए क्यों आते हैं चेहरे पर पुरुषों जैसे मोटे बाल
डॉ. रेनू गुप्ता ने बताया कि, जब शरीर में हार्मोनल असंतुलन होता है, तो लड़कियों के शरीर में पुरुषों वाले हार्मोन यानी ‘एंड्रोजेंस’ (Androgens) का स्तर बढ़ जाता है।
इस एंड्रोजन एक्सेस के कारण होंठों के ऊपर, ठोड़ी (चिन), गालों के किनारे और छाती पर पुरुषों की तरह मोटे और कड़े बाल उगने लगते हैं। इसके अलावा, पीरियड्स का अनियमित होना, चेहरे पर कील-मुहासे (एक्ने) आना और सिर के बीच से बाल झड़ना (सेंट्रल एलोपेसिया) भी इसके प्रमुख लक्षण हैं।
इंफीरियरिटी कॉम्प्लेक्स का शिकार हो रही हैं लड़कियां
अस्पताल की ओपीडी में ऐसी बहुत सी छात्राएं आती हैं जो अपनी अपीयरेंस (दिखावट) को लेकर काफी चिंतित रहती हैं। चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ की तरह बाल आने से उनमें हीन भावना (इंफीरियरिटी कॉम्प्लेक्स) पनपने लगती है, जिससे उनका आत्मविश्वास कम होता है।
डॉक्टरों का कहना है कि यह केवल एक हार्मोनल गड़बड़ी है, इसलिए इससे घबराने या परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
लाइफस्टाइल में बदलाव और दवाओं से संभव है इलाज
डॉ.रेनू गुप्ता ने कहा कि, सही जीवनशैली अपनाकर और वजन को नियंत्रित रखकर PCOS और अनचाहे बालों की समस्या पर काबू पाया जा सकता है। खान-पान की आदतें सुधारने और शारीरिक रूप से एक्टिव रहने से हार्मोनल बैलेंस वापस पाया जा सकता है।

