56 साल औसत उम्र वाली लोकसभा में इन दिनों 14 से 29 साल वाली जेन-जी के स्लैंग गूंज रहे हैं। कोई सांसद ‘वास्तेगुना-हुइंया’ और ‘कुच्चु-पुच्चु’ बोल रहा, तो किसी के भाषण में ‘डेलुलू’ और ‘क्लॉक्ड इट’ का इस्तेमाल हुआ।
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आखिर इन शब्दों के मतलब क्या हैं और जेन-जी के स्लैंग संसद क्यों पहुंच गए; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…
सवाल-1: जेन-जी के कौन से स्लैंग संसद में गूंजे? जवाबः मानसून सत्र में एंटी-पेपर लीक पर चर्चा के दौरान लोकसभा में ये 6 स्लैंग चर्चा में आए…
1. MIA
- शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा- विपक्ष के आंदोलन को जेन-जी की भाषा में बताना चाहता हूं। 37 दिन तक ये जंतर-मंतर नहीं गए, तो इनको MIA हो गया।
- MIA यानी ‘मिसिंग इन एक्शन’। ये एक मिलिट्री टर्म है। मतलब है- वो सैनिक, जो जंग के दौरान लापता हो गया, जिसकी न लाश मिली और न उसके पकड़े जाने का पता चला।
- जेन-जी इसका इस्तेमाल ऐसे व्यक्ति के लिए करते हैं, जिसकी कोई खोज-खबर न हो।
2. FOMO
- श्रीकांत शिंदे ने कहा, ‘विपक्ष ने पीएम के आवास के सामने आंदोलन किया, क्योंकि उनको FOMO हो गया। बच्चे यहां पर आंदोलन कर रहे हैं, हम क्या कर रहे हैं।’
- FOMO यानी फियर ऑफ मिसिंग आउट। मतलब- किसी चीज, किसी काम में शामिल न हो पाने, दूर रह जाने का डर या चिंता।
3. DELULU
- बीजेपी MP तेजस्वी सूर्या ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ये DELULU में पेपर लीक बिल की आलोचना कर रहे हैं।
- जेन-जी किसी फैंटेसी या कल्पना में रहने को DELULU कहते हैं।
4. VASTEGUNA HUIYA
- कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, ‘जब वो (जंतर-मंतर के प्रोटेस्टर) आपसे टकराते थे, तो नारा देते थे ‘वास्ते गुना हुइयां’।
- VASTEGUNA HUIYA का कोई मतलब नहीं है। किसी ने राह चलते एक व्यक्ति को छेड़ने या परेशान के लिए बोला, ‘वास्तेगुना हुइंया’। वीडियो वायरल हुआ और जेन-जी इसे यूज करने लगे।
- प्रोटेस्ट में भी खूब इस्तेमाल हुआ।
5. KUCHU-PUCHU
- दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, वो (प्रोटेस्टर्स) प्यार से इस्तीफा मांग रहे थे, ‘कुचु-पुचु, इस्तीफा दे दो, आज हमारा जन्मदिन है।’
- इसका भी मतलब कुछ नहीं, बच्चों को या किसी को प्यार से पुकारने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
6. CLOCKED IT
- बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, ‘UPA ने एग्जाम सिस्टम को लेकर पॉलिसी वैक्यूम किया, वहीं पीएम मोदी ने इसे CLOCK IT किया और एक कानूनी सॉल्यूशन दिया।’
- CLOCKED IT का मतलब होता है- किसी छिपे हुए तथ्य को पहचानना और उजागर करना।
सवाल-2: जेन-जी के कुछ और मशहूर स्लैंग कौन से हैं? जवाबः

सवाल-3: इंस्टाग्राम और स्नैपचैट से निकलकर संसद क्यों पहुंचे ये स्लैंग? जवाबः 3 वजहें हैं… 1. कॉकरोच जनता पार्टी का सुपरहिट मूवमेंट
- 16 मई को CJP का इंस्टाग्राम अकाउंट बना और 90 घंटे में बीजेपी, कांग्रेस से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए। अभी 2.6 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
- इसका पूरा कम्युनिकेशन, नाम, मीम, कैप्शन वगैरह जेन-जी की भाषा में हैं। जेन-जी युवा CJP से जुड़ा।
- उसने प्रोटेस्ट के समर्थन में अपनी भाषा में सोशल मीडिया पोस्ट कीं, प्रोटेस्ट में पहुंचे। स्लैंग और उसी तरह के नारों के साथ प्रोटेस्ट चलाया, जो सफल हो गया।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए इस तरह की भाषा में पोस्टर्स का इस्तेमाल किया गया।
2. मौजूदा राजनीति में जेन-जी का असर
- 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान ‘पुलिस एक्शन’ में कई जेन-जी छात्र घायल हुए। इसके बाद विपक्ष पूरी तरह उनके समर्थन में उतर आया।
- सरकार पर दबाव बढ़ा, तो आनन-फानन पेपर लीक के मुद्दे पर कई फैसले हुए।
- खुद पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर जेन-जी के बीच प्रचलित सेल्फी वीडियो जारी किया। पीएम मोदी तबसे लगातार इंस्टाग्राम पर एक्टिव हैं।
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रोटेस्ट तो खत्म हो गया, लेकिन जेन-जी की भाषा, नारों और प्रोटेस्ट के तौर-तरीके पर चर्चा जारी रही। संसद में भी जेन-जी चर्चा का मुद्दा बने।

23 जुलाई की रात 12 बजे पीएम मोदी ने पहली बार सेल्फी मोड में इंस्टाग्राम पर वीडियो मैसेज जारी किया।
3. 2029 में जेन-जी सबसे बड़ा वोटर ग्रुप
- 2024 की बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए कुल 37.7 करोड़ जेन-जी हैं।
- यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड, UNFPA के मुताबिक, 10 से 24 साल के करीब 38.2 करोड़ लोग हैं।
- यानी बाकी एज ग्रुप्स के मुकाबले आबादी में सबसे बड़ी हिस्सेदारी जेन-जी या उसके आसपास की एज वालों की है।
- हालांकि वोट शेयर में 18-29 की उम्र वालों की हिस्सेदारी 1988 में 38.3% से घटकर 2024 में 30.1% हो गई।
- अनुमान हैं कि 2029 तक ये 27.8% हो सकती है। फिर भी देश में हर चौथा वोटर जेन-जी है, जिसे राजनीतिक रूप से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सवाल-4: क्या पहले भी संसद ऐसे मशहूर शब्दों या मुहावरों को अपनाती रही है? जवाबः हां, इसके कुछ उदाहरण देखिए…
1. ‘हाउ इज द जोश?’
- 2019 की फिल्म ‘उरी’ में विक्की कौशल का ये डायलॉग सोशल ट्रेंड बना। फरवरी में संसद में सालाना बजट पेश हुआ, तो केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जिक्र किया।
- पीएम मोदी सहित कई नेता अक्सर सोशल मीडिया पोस्ट या भाषणों में इसका इस्तेमाल करते हैं।

2019 में बजट पेश करते समय तब के वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा- ‘हाउ इज द जोश?’, तब पीछे NDA के सांसदों ने जवाब दिया- ’हाई सर!’
2. ‘जय हो’
फिल्म स्लमडॉग मिलिनेयर में ए. आर. रहमान के इस गाने को 2009 में ऑस्कर मिला।
कांग्रेस ने तब लोकसभा चुनाव के दौरान इसका खूब इस्तेमाल किया था। अक्सर राजनीतिक रैलियों में इसकी धुन बजती है।
3. ‘खेला होबे’
- बंगाली स्ट्रीट स्लैंग है। बांग्लादेश की अवामी लीग के सांसद शमीम उस्मान ने 2013 में इस्तेमाल किया।
- पश्चिम बंगाल के TMC नेता देबांग्शु भट्टाचार्य ने 2021 में इस पर गाना लिखकर यूट्यूब पर डाला, जो वायरल हो गया।
- 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने ये नारा लगाया। फिर हर पार्टी ने संसद से सड़क तक इसका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
सवाल-5: संसद में ऐसे स्लैंग के इस्तेमाल पर जेन-जी क्या सोचते हैं? जवाबः जेन-जी मोटे तौर पर दो बातें कह रहे हैं…
1. हमारे स्लैंग गलत संदर्भ में इस्तेमाल हो रहे
‘Delulu का इस्तेमाल हम ज्यादातर पॉजिटिव तरीके से करते हैं, जैसे किसी फैंटेसी में होना। हम ‘Delulu is Solulu’ भी बोलते हैं, जिसका मतलब है- खुद को जानबूझकर पॉजिटिव डेल्यूजन में रखना, ताकि वो सपने पूरे हो जाएं। नेता Delulu जैसे कई स्लैंग गलत संदर्भ में इस्तेमाल कर रहे, इसलिए हम उनसे कनेक्ट नहीं हो सकते।’
2. हमको कॉपी करने के बजाय अपने काम पर ध्यान दें
‘इस कॉपीकैट से जेन-जी पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ने वाला। इसके बजाय नेता अपने काम पर ध्यान दें। हमारे लिए बेहतर मौके बनाएंगे, तो हमें ज्यादा खुशी होगी।’
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