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पटना में कचरे का अंबार दिखने लगा है। पटना नगर निगम सहित पूरे बिहार के नगर निकाय में कल से हड़ताल शुरू हो गई है। पटना नगर निगम में गुरुवार को न तो झाड़ू लगी, न हीं डोर टू डोर गाड़ी, न ई-रिक्शा और न बड़ी गाड़ी निकली। नगर निगम में आउटसोर्स पर काम करने वाले 4800 से अधिक सफाईकर्मी और ड्राइवर गुरुवार से हड़ताल पर हैं। आज भी सभी 6 अंचल कार्यालय और यार्ड में प्रदर्शन होगा। सभी कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का आवाह्न किया है। दैनिक कर्मियों के नियमति करने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन दैनिक मजदूरों को स्थायी करने, समान वेतनमान, आउटसोर्स व्यवस्था की समाप्ति कर आउटसोर्स कर्मियों का निगमकर्मी के रूप में एडजस्टमेंट, आउटसोर्स के द्वारा मानव बल की चोरी पर रोक, एसीपी और एमएसीपी पर नगर विकास विभाग द्वारा लगाए रोक को वापस लेने की मांग और अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिलने के चलते कर्मियों में नाराजगी है। गुरुवार को फिर दोपहर 2 बजे से नगर निगम मुख्यालय मौर्य लोक पर प्रदर्शन और सभा हुई। बारिश के मौसम में यह हड़ताल कई बीमारियों का घर बन सकती है। डेढ़ माह पूर्व हड़ताल की सूचना, मगर कोई वार्ता नहीं हुई पटना नगर निगम समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि हमने डेढ़ माह पूर्व हड़ताल की सूचना दे दिया था। अगर सरकार की मंशा सही होती तो सूचना देने के एक सप्ताह के अन्दर ही वार्ता कर समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाता। लेकिन जब सरकार को लगा कि अब हड़ताल हो ही जाएगा। तो आनन फानन में नगर विकास सचिव वार्ता बुलाकर कमिटी गठन कर छह माह में कमिटी बनाने और तब समीक्षा करने की बात कर हड़ताल स्थगित करने को कह रहे थे। हम उनसे पूछना चाहते हैं की तीन साल हमने इंतजार किया तब क्यों नहीं समस्या का समाधान हुआ।
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पटना में दिखने लगा कचरे का अंबार:न झाड़ू लगेगी, न डोर टू डोर गाड़ी आएगी; पटना नगर निगम के कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
