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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर में पदम स्कूल परिसर में संचालित खेलो इंडिया बॉक्सिंग सेंटर को शुरू हुए लगभग दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन खिलाड़ियों को अब तक केंद्र के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। स्थिति यह है कि यहां प्रशिक्षण लेने वाले युवा बॉक्सर कोचिंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए अपनी जेब से खर्च करने को विवश हैं। केंद्र में वर्तमान प्में लगभग 30 बच्चे नियमित रूप से बॉक्सिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, यहां के चार युवा बॉक्सर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों का कहना है कि यदि उन्हें निर्धारित सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, तो रामपुर के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। प्रतियोगिताओं की तैयारी पर अतिरिक्त खर्च खिलाड़ियों ने बताया कि खेलो इंडिया सेंटर से जुड़ने के बाद उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण, सुरक्षा सामग्री और अन्य सुविधाओं की उम्मीद थी। हालांकि, अब तक अधिकांश व्यवस्थाएं केवल कागजों तक ही सीमित हैं। कई खिलाड़ियों को निजी स्तर पर प्रशिक्षण, खेल सामग्री और प्रतियोगिताओं की तैयारी पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। खेल विभाग से सेंटर में सुविधाओं देने की मांग खेल विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी खेलो इंडिया बॉक्सिंग सेंटर में मानक बॉक्सिंग रिंग, पंचिंग बैग, स्पैरिंग उपकरण, ग्लव्स, हेड गार्ड, फिटनेस उपकरण, योग्य प्रशिक्षक और खेल किट जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने सरकार और खेल विभाग से इस सेंटर में सुविधाओं को शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल सके। खिलाड़ियों का भी मानना है कि आधुनिक संसाधन और आवश्यक सहयोग मिलने पर रामपुर के कई युवा राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
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शिमला के खेलो इंडिया बॉक्सिंग सेंटर में सुविधाओं का अभाव:खिलाड़ी खुद उठा रहे खर्च; सुविधाएं मिलने से चमकेगी बॉक्सिंग प्रतिभा
