नई दिल्ली19 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने जुलाई 2026 में 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन के साथ अपना अब तक का सबसे ज्यादा मंथली वॉल्यूम दर्ज किया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा शेयर किए गए डेटा के मुताबिक, इस दौरान कुल ₹29.88 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ। जून की तुलना में जुलाई में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 4.1% और वैल्यू में 3.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कैशफ्री पेमेंट्स के को-फाउंडर रीजू दत्ता ने इस ग्रोथ पर कहा कि जुलाई में ऐसी कोई परिस्थितियां नहीं थीं, जिसका मतलब है कि यह ग्रोथ किसी मौसमी या स्ट्रक्चरल इवेंट के बजाय पूरी तरह से ऑर्गेनिक और रोजमर्रा के ट्रांजैक्शन बिहेवियर की वजह से हो रही है।
सालाना आधार पर वॉल्यूम में 22% का बड़ा उछाल
अगर पिछले साल की इसी अवधि (जुलाई 2025) से तुलना करें, तो यूपीआई ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 22% का जोरदार उछाल आया है। वहीं, ट्रांजैक्शन वैल्यू में भी सालाना आधार पर 19% की बढ़ोतरी देखी गई है।
छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में रोजमर्रा का हिस्सा बना UPI
पेनियरबाय के फाउंडर, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ आनंद कुमार बजाज ने कहा कि सबसे बड़ा बदलाव मेट्रो शहरों से परे हो रहा है। टियर 2, टियर 3 और ग्रामीण बाजारों में यूपीआई कभी-कभार इस्तेमाल होने वाले विकल्प से हटकर रोजमर्रा के ट्रांजैक्शन का हिस्सा बनता जा रहा है।
कंज्यूमर स्थानीय खरीदारी, रिचार्ज, बिल पेमेंट और मनी ट्रांसफर के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे बढ़ती पहचान, व्यापक स्वीकार्यता और कम्युनिटी में भरोसेमंद मदद का सपोर्ट मिल रहा है।

IMPS में 3% की बढ़त, डेली ट्रांजैक्शन वैल्यू ₹22,958 करोड़ पहुंची
इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) का ट्रांजैक्शन वॉल्यूम जुलाई में 3% बढ़कर 364 मिलियन (36.4 करोड़) पर पहुंच गया, जो जून में 354 मिलियन और मई में 358 मिलियन था। वैल्यू के लिहाज से यह ₹7.12 ट्रिलियन रहा, जिसमें जून (₹6.77 ट्रिलियन) और मई (₹6.96 ट्रिलियन) के मुकाबले 5% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।
- डेली एवरेज वैल्यू: IMPS के तहत जुलाई में औसत दैनिक ट्रांजैक्शन वैल्यू बढ़कर ₹22,958 करोड़ हो गई, जो जून में ₹22,551 करोड़ थी।
- डेली एवरेज वॉल्यूम: हालांकि, डेली ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 11.75 मिलियन रहा, जो जून के 11.8 मिलियन से मामूली कम है।
- सालाना तुलना: पिछले साल जुलाई के मुकाबले IMPS ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 24% की गिरावट आई, लेकिन वैल्यू 13% बढ़ गई।
फास्टैग में गिरावट: जुलाई में वॉल्यूम 4% घटा
फास्टैग ट्रांजैक्शन में जुलाई महीने के दौरान थोड़ी सुस्ती देखने को मिली।
- वॉल्यूम और वैल्यू: जुलाई में FASTag वॉल्यूम 4% घटकर 347 मिलियन (34.7 करोड़) रह गया, जो जून में 362 मिलियन और मई में 375 मिलियन था। कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू भी जून के ₹7,215 करोड़ (मई में ₹7,308 करोड़) से मामूली गिरकर ₹7,143 करोड़ पर आ गई।
- डेली एवरेज: औसत दैनिक FASTag वॉल्यूम घटकर 11.21 मिलियन रह गया (जून में 12.06 मिलियन और मई में 12.1 मिलियन)। वहीं, डेली एवरेज ट्रांजैक्शन वैल्यू ₹230 करोड़ रही, जो जून में ₹240 करोड़ थी।
आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम में 3% की बढ़ोतरी
आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) के जरिए होने वाले लेनदेन में जुलाई में सुधार दर्ज किया गया।
- वॉल्यूम: AePS ट्रांजैक्शन जुलाई में 3% बढ़कर 100 मिलियन (10 करोड़) पहुंच गए, जो जून में 97 मिलियन और मई में 88 मिलियन थे।
- वैल्यू: कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू भी बढ़कर ₹27,539 करोड़ हो गई, जो जून में ₹26,051 करोड़ और मई में ₹25,247 करोड़ थी।
क्या होते हैं NPCI के ये डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म?
- UPI: मोबाइल से तुरंत बैंक-टू-बैंक पैसे ट्रांसफर करने का रियल-टाइम सिस्टम।
- IMPS: चौबीसों घंटे (24×7) तुरंत पैसे भेजने की इंटरबैंक इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर सेवा।
- FASTag: टोल प्लाजा पर बिना रुके सीधे लिंक खाते/वॉलेट से टोल टैक्स काटने के लिए RFID तकनीक आधारित टैग।
- AePS: बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का इस्तेमाल कर बैंक खाते से पैसे निकालने, जमा करने और बैलेंस चेक करने की सुविधा देने वाला मॉडल।
ये खबर भी पढ़ें…
CBI ने अनिल अंबानी पर FIR दर्ज की: रिलायंस कैपिटल पर EPFO को ₹1,816 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप

CBI ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड और इसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ FIR दर्ज की है। कंपनी पर EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को 1816.22 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने के आरोप है। अधिकारियों ने शनिवार, 1 अगस्त को इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें…

