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थाना परिसर में हेड कॉन्स्टेबल पर लाठी से हमला:सिर पर गंभीर चोट, 8 टांके; आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजा




सीधी जिले के भुईमाड़ थाना परिसर में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे एक युवक ने प्रधान आरक्षक बलबीर निखरे पर लाठी से हमला कर दिया। इस हमले में प्रधान आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में गहरी चोट आई, जिसके लिए आठ टांके लगाने पड़े। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मंगलवार को जिला जेल भेज दिया है। घटना के समय प्रधान आरक्षक बलबीर निखरे थाना प्रभारी कक्ष में अन्य पुलिसकर्मियों के साथ विभागीय कार्य कर रहे थे। तभी थाना क्षेत्र के गैवटा निवासी 22 वर्षीय ओमप्रकाश दुबे थाना परिसर पहुंचा। ओमप्रकाश ने थाना प्रभारी कक्ष के बाहर लगी खिड़की पर लकड़ी के डंडे से लगातार प्रहार करना शुरू कर दिया और गाली-गलौज करने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसे शांत कराने का प्रयास किया। इसी दौरान शोर सुनकर बाहर आए प्रधान आरक्षक बलबीर निखरे पर आरोपी ने पहले पैर पर और फिर सिर पर लाठी से हमला कर दिया। हमले के बाद थाना परिसर में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने तत्काल आरोपी ओमप्रकाश दुबे को पकड़ लिया। अस्पताल में आए आठ टांके घायल प्रधान आरक्षक बलबीर निखरे को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरई ले जाया गया। सरई में प्राथमिक उपचार के दौरान उनके सिर पर आठ टांके लगाए गए। बेहतर इलाज के लिए उन्हें बाद में जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि एक युवक लाठी लेकर थाना पहुंचा और तोड़फोड़ करने लगा। जब प्रधान आरक्षक उसे समझाने के लिए बाहर निकले, तो आरोपी ने उन पर हमला कर दिया। अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर आरोपी को पकड़ लिया। उसे न्यायालय के आदेश पर जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हमला करने के पीछे की वास्तविक वजह की जांच अभी जारी है। भुईमाड़ थाने की जानकारी गौरतलब है कि प्रधान आरक्षक बलबीर निखरे चार दिन पहले ही पोड़ी चौकी से स्थानांतरित होकर भुईमाड़ थाने आए थे। लगभग 15 हजार की आबादी वाले इस थाना क्षेत्र में केवल 11 पुलिसकर्मी पदस्थ हैं। इतना ही नहीं, थाने में मात्र एक वाहन उपलब्ध है और उसके लिए स्थायी चालक भी नहीं है। यहां डायल-112 सेवा भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सीमित संसाधनों के बीच पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त पुलिस बल व संसाधन उपलब्ध कराने की मांग तेज हो गई है।



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