विदेशी टूरिस्टों को नियमों के बारे में बताते हुए सिख।
अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में निक्कर पहन कर माथा टेकने जा रहे विदेशी कपल को सिख ने रोक दिया। महिला और युवक दोनों ने निक्कर पहनी हुई थी। सिख ने उन्हें गेट पर रोका और नियमों के बारे में बताया। सिख ने बताया कि निक्कर पहनकर अंदर जाना मना है।
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इस दौरान विदेशी महिला ने टिकट के बारे में भी पूछा, जिस पर उसे बताया गया कि यहां एंट्री पूरी तरह फ्री है। दोनों को पूरे कपड़े पहनकर आने की सलाह दी। नियम समझने के बाद विदेशी महिला ने सहमति जताई। ये वीडियो 4 जुलाई का है। जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
गुरुघर की मर्यादा से अवगत कराने के लिए सूचना बोर्ड लगाया गया है। इन पर स्पष्ट लिखा है कि कैप, शॉर्ट पैंट (निक्कर), कैप्री, मोजे और मिनी स्कर्ट पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं है। श्रद्धालुओं से सिर ढकने और पूरे कपड़े पहनकर ही गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश करने की अपील की गई है।
गोल्डन टेंपल गेट पर विदेशी कपल को समझाते सिख व्यक्ति, 2 PHOTOS…


अब पढ़ें वीडियो क्या है… वीडियो में दिख रहा कि एक विदेशी महिला और उसके साथ मौजूद युवक गोल्डन टेंपल में प्रवेश करने की तैयारी कर रहे थे। तभी एक सिख ने उन्हें बताया कि गुरुद्वारा साहिब के अंदर निक्कर या हाफ पैंट पहनकर जाना मना है। उन्होंने समझाया कि दर्शन करने के लिए पूरे कपड़े या पजामा पहनना जरूरी है।
बातचीत के दौरान विदेशी महिला ने पूछा कि क्या अंदर जाने के लिए किसी प्रकार का टिकट लेना पड़ता है। इस पर स्पष्ट किया कि गोल्डन टेंपल में प्रवेश पूरी तरह फ्री है और केवल गुरुघर की मर्यादा के अनुसार कपड़े पहनना जरूरी है।
इसके बाद महिला ने अपने साथी की ओर इशारा करते हुए पूछा कि क्या उन पर भी यही नियम लागू होता है। सिख ने बताया कि यह नियम सभी श्रद्धालुओं और टूरिस्टों पर समान रूप से लागू होता है, चाहे वे किसी भी देश या धर्म से संबंध रखते हों। सिख ने दोनों को पास के बाजार से पायजामा या पूरे कपड़े खरीदने की सलाह भी दी।

सिख और विदेशी महिला के बीच हुई बातचीत हूबहू पढ़ें…
सिख: “इनसाइड द गुरुद्वारा साहिब, प्लीज वियर द प्रॉपर पजामा।” (गुरुद्वारा साहिब के अंदर, कृपया पूरा पायजामा पहनें।)
विदेशी महिला: “ओके, वेल।” (अच्छा, ठीक है।)
सिख: (मार्केट की तरफ इशारा करते हुए) “यू शुड ट्राय द मार्केट एंड बाय फ्रॉम देयर। देन यू कैन गो इनसाइड द गुरुद्वारा।” (आप मार्केट जाकर वहां से खरीद सकती हैं। उसके बाद आप गुरुद्वारा साहिब के अंदर जा सकती हैं।)
विदेशी महिला: “आई वॉज गोइंग देयर। व्हेयर डू आई बाय द टिकट?” (मैं वहीं जा रही थी। मुझे टिकट कहां से मिलेगी?)
सिख: “नो, देयर इज नो टिकट। नो टिकट। यू शुड वियर द प्रॉपर क्लोथ्स, देन यू कैन गो।” (अरे नहीं, यहां कोई टिकट नहीं है। टिकट नहीं लगती। आपको बस सही कपड़े पहनने होंगे, फिर आप जा सकती हैं।)
विदेशी महिला: (अपने साथी की तरफ इशारा करते हुए) “ही इज फाइन?” (क्या ये ठीक हैं?)
सिख: “नो, ही इज ऑल्सो… निक्कर इज नॉट अलाउड। दिस इज नॉट अलाउड।” (नहीं, ये भी… निक्कर यहां अलाउड नहीं है। यह पहनना मना है।)
विदेशी महिला: “ओके।” (ठीक है।)
सिख: “यू वियर प्रॉपर पजामा, फुल पैंट, देन यू कैन गो।” (आप लोग पूरा पायजामा या फुल पैंट पहनें, फिर आप अंदर जा सकते हैं।)
विदेशी महिला: “ओके।” (ठीक है।)
गोल्डन टेंपल में लगाया बोर्ड…

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