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छत्तीसगढ़ में आज (3 अगस्त) कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। अगले दो दिनों तक भी प्रदेश में ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। 1 जून से अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से केवल 5% कम बारिश हुई है, जिसे मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है। लगातार बारिश से बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर बांसाझाल स्थित पुल दो हिस्सों में टूट गया। इसी दौरान पुल से गुजर रही एक यात्री बस बीच में फंस गई। सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन पुल ढहने से बिलासपुर का पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक, मनेंद्रगढ़ और मध्य प्रदेश के जबलपुर और शहडोल से सीधा संपर्क टूट गया है। तस्वीरें देखिए… अगले दो दिन का आउटलुक अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। राजनांदगांव सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ। रायपुर का मौसम रायपुर में आज (सोमवार) बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ के लिए क्यों है अहम छत्तीसगढ़ में जुलाई के आखिर तक बारिश लगभग सामान्य स्तर पर पहुंच चुकी है। अगर अगस्त में भी अच्छी बारिश होती है तो धान और दूसरी खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा। अगस्त का महीना धान की फसल के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के लिए अलग से पूर्वानुमान जारी नहीं किया है, लेकिन मध्य भारत के लिए दिए गए संकेतों से राज्य में अगस्त के दौरान अच्छी बारिश की उम्मीद है। IMD की मुख्य बातें छत्तीसगढ़ में मानसून सामान्य, लेकिन 6 जिलों में बारिश की कमी छत्तीसगढ़ में मानसून अब तक संतुलित बना हुआ है। 1 जून से 2 अगस्त 2026 तक प्रदेश में औसतन 566.5 मिमी (22.3 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 594.6 मिमी (23.4 इंच) होनी चाहिए थी। यानी अब तक प्रदेश में 5% कम बारिश हुई है, जिसे मौसम विभाग ने सामान्य (Normal) श्रेणी में रखा है। हालांकि, जिलावार आंकड़ों में बारिश का वितरण काफी असमान नजर आ रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से 60% से अधिक बारिश हुई है, जबकि कई जिलों में 40% से 53% तक की कमी दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश इन जिलों में प्रदेश में अब तक सबसे अधिक बारिश नारायणपुर में 997.8 मिमी (39.3 इंच) दर्ज की गई है, जो सामान्य से 61% अधिक है। इसके बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 797.5 मिमी (31.4 इंच) बारिश हुई, जो सामान्य से 65% ज्यादा है। वहीं जांजगीर-चांपा में 743.9 मिमी (29.3 इंच, +38%), महासमुंद में 725.1 मिमी (28.5 इंच, +35%), गरियाबंद में 696.8 मिमी (27.4 इंच, +29%), बालोद में 668.5 मिमी (26.3 इंच, +29%), रायपुर में 626.0 मिमी (24.6 इंच, +21%) और बलौदाबाजार में 623.0 मिमी (24.5 इंच, +28%) बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से अधिक है। इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश की कमी प्रदेश में सबसे अधिक बारिश की कमी सरगुजा में दर्ज की गई, जहां सामान्य से 53% कम वर्षा हुई है। इसके अलावा जशपुर (-48%), बेमेतरा (-40%), कांकेर (-24%), मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (-24%) और सूरजपुर (-21%) में भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। मौसम विभाग ने इन सभी जिलों को डेफिसिएंट (Deficient) श्रेणी में रखा है। अधिकांश जिले सामान्य श्रेणी में प्रदेश के 20 जिले अभी भी सामान्य वर्षा की श्रेणी में हैं। इनमें बस्तर, बीजापुर, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, कोंडागांव, कोरबा, कोरिया, मोहला-मानपुर-चौकी, मुंगेली, रायगढ़, राजनांदगांव, सक्ती, सुकमा, बलरामपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई समेत अन्य जिले शामिल हैं।
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दो दिन बारिश, बिजली गिरने का अलर्ट:बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर ब्रिज टूटा, बस फंसी; अब भी सामान्य ये 5% कम बारिश
