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राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में ‘बम बनाने की विधि’ शीर्षक वाला हस्तलिखित नोट मिलने के मामले में पुलिस ने आरोपी छात्र मोहम्मद सरफराज को करीब 26 घंटे की गहन पूछताछ के बाद छोड़ दिया। जांच के दौरान पुलिस को किसी आतंकी गतिविधि, आपराधिक साजिश या संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े होने का कोई प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद छात्र को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर परिचित की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया। पुलिस के मुताबिक, सरफराज ने पूछताछ में बताया कि उसने भगत सिंह पर आधारित फिल्म की क्लिप देखने के बाद यह नोट लिखा था। हालांकि मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया। छात्र के बयान का हर स्तर पर सत्यापन किया गया। मोबाइल फोन, लैपटॉप, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की गई। बलरामपुर पहुंची पुलिस, घर पर मिला ताला जांच के दौरान अयोध्या पुलिस की टीम छात्र के बलरामपुर स्थित आवास भी पहुंची। पुरैनिया तालाब इलाके में स्थित घर बंद मिला, जिसके बाद पुलिस ने पड़ोसियों से जानकारी जुटाई। देर रात पुलिस की मौजूदगी से इलाके में हलचल रही, हालांकि स्थानीय लोगों ने कुछ भी बोलने से इनकार किया। सीसीटीवी में नोट की फोटो खींचता दिखा छात्र जांच में सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए, जिनमें सरफराज अपने लिखे नोट की मोबाइल से तस्वीर लेते दिखाई दिया। पुलिस ने यह भी जांच की कि फोटो किसी अन्य व्यक्ति को भेजी गई थी या नहीं। प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि नोट में लिखी सामग्री से बम बनाना संभव नहीं है। हालांकि, मामले की जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और पुलिस अन्य पहलुओं का भी सत्यापन कर रही है।
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