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मंडी से भाजपा सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनोट ने कहा कि वह ‘मॉडरेट हिंदू’ थीं, लेकिन अब ‘अवेकन्ड (जागरूक) हिंदू’ बनना चाहती हैं। कंगना ने संसद के लिए रवाना होने से पहले एक वीडियो जारी कर अपनी वैचारिक यात्रा और हिंदू पहचान को लेकर खुलकर बात की। कंगना कहती हैं कि कुछ लोग उन्हें ‘संघी’ कहकर तंज कसते हैं, कहते हैं कि तुम तो पार्टी करती हो। कंगना मानती है कि हां वो पार्टी करती थी। मगर अब वह कन्वर्ट होना चाहती है। उन्हें बीजेपी और आरएसएस जॉइन करना है। संविधान उन्हें कोई भी आइडियोलॉजी एडॉप्ट करने की आजादी देता है। इसी तरह हमारी बेटियों को भी कन्वर्ट होनी की आजादी मिलनी चाहिए। इस्लामवादी विचारधारा के संपर्क में आते ही कट्टरपंथी लेफ्टिस्ट बन जाते हैं: कंगना कंगना ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में उन्होंने कई हिंदू महिलाओं को करीब से देखा है, जिनकी शुरुआत में राजनीति या धर्म को लेकर कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं होती। मगर इस्लामवादी विचारधारा वाले लोगों के संपर्क में आने के बाद ऐसे व्यक्ति कट्टरपंथी लेफ्टिस्ट बन जाते हैं। ऐसे में मेरे लिए वो रास्ता बंद क्यों हो जाता है? हिंदू महिलाओं को कठघरे में खड़ा करना गलत: कंगना सांसद ने कहा कि सवाल तब उठता है जब हिंदू महिलाओं की बात आती है। उनके अनुसार, यदि कोई हिंदू महिला अपनी विचारधारा बदलकर भाजपा, आरएसएस या ‘अवेकेंड हिंदू’ विचारधारा अपनाना चाहे, तो समाज उसके पुराने जीवन और निजी फैसलों के आधार पर उसे कठघरे में खड़ा कर देता है। हिंदू बेटियों को भी ‘डिफान्ड’ हिंदू बनने की आजादी मिले: सांसद कंगना ने इसे अपनी वैचारिक पसंद बताया और कहा कि उन्हें भी अपनी सोच बदलने व नई विचारधारा अपनाने का अधिकार है। उन्होंने समाज पर ‘दोगली सोच’ रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह अन्य विचारधाराएं अपनाने की स्वतंत्रता है, उसी तरह हिंदू बेटियों को भी ‘डिफान्ड और डिसिप्लेन्ड’ हिंदू बनने की आजादी मिलनी चाहिए। वीडियो के अंत में उन्होंने लोगों से इस विषय पर अपनी राय देने की अपील की।
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कंगना बोली- मॉडरेट से अवेकन्ड हिंदू बनना चाहती हूं:सांसद ने दोगली सोच पर उठाए सवाल; बेटियों को भी विचारधारा चुनने की आजादी की वकालत
