रांची1 घंटे पहले
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JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर झारखंड के छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जयपाल सिंह स्टेडियम में सोमवार को 10वें दिन भी जारी है।
इधर, छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर BJP सांसद निशिकांत दुबे ने दिल्ली में कहा, “उनकी मांग जायज है; पिछले 7-8 सालों में JPSC में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार हुआ है।
झारखंड के युवाओं को नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं, उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है, इसी वजह से लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। कोई भी इस मामले पर ध्यान देने को तैयार नहीं है। JPSC के सदस्य कांग्रेस और JMM से हैं…”

शाम करीब छह बजे निकले मशाल जुलूस के मुख्य मार्गों पर यातायात भी प्रभावित रहा।
अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो वहीं, आंदोलन को नया मोड़ देते हुए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो रविवार शाम 5 बजे से आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने 14वीं जेपीएससीकी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रविवार शाम बड़ी संख्या में छात्र हाथों में मशाल और तख्तियां लेकर जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक पैदल मार्च पर निकले। शाम करीब छह बजे निकले मशाल जुलूस के मुख्य मार्गों पर यातायात भी प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरानअभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, लंबित मामलों के समाधान की मांग करते हुए नारेबाजी की।
धरनास्थल पर अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता वहीं, इससे पहले महानगर कांग्रेस कमेटी का प्रतिनिधिमंडल धरनास्थल पर पहुंचा। महानगर अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने करीब एक घंटे तक छात्रों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों का बिंदुवार नोट तैयार किया।
इस दौरान आंदोलनकारी छात्रों ने जेपीएससी नियुक्ति परीक्षा रद्द करने, सीबीआई से जांच कराने समेत कई मांगें रखीं। डॉ.कुमार राजा ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी जायज मांगों को मुख्यमंत्री और गठबंधन सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और पार्टी ने एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया है, जो जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर छात्रों की मांगों के समाधान पर चर्चा करेगा। उन्होंने कहा, युवाओं कीआवाज सरकार तक पहुंचाना कांग्रेस की जिम्मेदारी है। छात्रों का यह संघर्ष केवल नौकरियों का नहीं, बल्कि झारखंड के भविष्य का सवाल है।
अभ्यर्थियों ने रखी मांगें झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की जिम्मेदारी स्थानीय कंपनी को दी जाए। 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा रद्द की जाए। जेपीएससी और जेएसससी की भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच हो। 13वीं और 14वीं जेपीएससी की नई अधिसूचना जारी हो। उम्र सीमा की कटऑफ वर्ष 2018 रखने की मांग की।

