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पजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राज्य विजिलेंस ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस की टीम ने मोहाली स्थित ‘रफ्तार टूल्स एंड ट्रैवल कंपनी’ में कार्यरत एक प्राइवेट ड्राइवर को 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अमनदीप के रूप में हुई है। अब सारे मामले को 4 प्वाइंट में जाने 1. शिकायत वापस लेने के नाम पर सौदा विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी ड्राइवर अमनदीप ने पहले कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के रहने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित पर दबाव बनाया और रफ्तार टूल्स कंपनी के मालिक के साथ समझौता कराने के एवज में 60,000 रुपए रिश्वत की मांग की। 2. ₹60 हजार से ₹40 हजार पर तय हुआ सौदा जब शिकायतकर्ता ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई और अनुरोध किया, तो आरोपी ड्राइवर 40,000 रुपये में सौदा तय करने पर राजी हो गया। हालांकि, पीड़ित रिश्वत देने के बिल्कुल पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने तुरंत विजिलेंस का रुख किया। 3. विजिलेंस के जाल में ऐसे फंसा आरोपी पीड़ित ने विजिलेंस ब्यूरो फ्लाइंग स्क्वाड-1, एसएएस नगर (मोहाली) में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी ड्राइवर पहली किश्त के रूप में 5,000 रुपये ले रहा था, दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। 4. केस दर्ज, आगे की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना, एसएएस नगर में भ्रष्टाचार निरोधक कानून तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस रिश्वतकांड में कंपनी के मालिक या किसी अन्य की भूमिका तो नहीं थी।
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विजिलेंस ने 5 हजार रिश्वत लेते ड्राइवर किया अरेस्ट:मोहाली में समझौते के नाम पर मांगे 60 हजार; पहली किश्त लेते समय दबोचा
