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सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से पूछा- ‘क्या राज्य सरकार कोर्ट के आदेशों के साथ खेल रही है?’ वजह है भोपाल में रिहाइशी इलाकों में चल रहे कारोबार पर सीलिंग, यानी ताला लगाने की कार्रवाई रोकना। क्या आपके घर के आसपास भी किसी मकान में दुकान, क्लिनिक, कैफे या ब्यूटीपार्लर चलता है तो भोपाल में जो हो रहा है, वह कल आपके शहर में भी हो सकता है। आखिर पूरा विवाद क्या है? क्या कार्रवाई सिर्फ भोपाल तक सीमित रहेगी…आम आदमी के लिए इसके मायने क्या हैं; समझते हैं आज के मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में। पहले ये तस्वीरें देखिए… सवाल 1: भोपाल में अचानक दुकानों पर ताले क्यों लगने लगे? जवाब- इसकी वजह राज्य सरकार का फैसला नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू हुई कार्रवाई है। सवाल 2: रिहाइशी मकानों में इतनी दुकानें बनी कैसे, सरकार ने इन्हें चलने क्यों दिया? जवाब- इसकी सबसे बड़ी वजह 21 साल पुराना मास्टर प्लान और सरकारी व्यवस्था की वर्षों तक रही ढिलाई है। सवाल 3: कार्रवाई सिर्फ भोपाल में क्यों, क्या आपके शहर की भी बारी आने वाली है? जवाब- यह मामला भोपाल से शुरू भी नहीं हुआ था। सवाल 4: सिर्फ 2 दुकानें सील हुईं, दावा किया 100 का…माजरा क्या है? जवाब- यहीं से सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा फर्क सामने आता है। सवाल 5: आगे क्या होगा, आम आदमी के लिए इसके मायने क्या हैं? जवाब- आने वाले हफ्तों में कोर्ट, सरकार और मास्टर प्लान- ये तीन चीजें तय करेंगी कि आगे क्या होगा? ——————————————————— मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर की ये कड़ी भी पढ़ें… क्या जयस के डर से सरकार टालती रही छात्रसंघ चुनाव, 9 साल तक इलेक्शन क्यों नहीं हुए 9 साल तक छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए, लेकिन विश्वविद्यालय छात्रों से हर साल छात्रसंघ शुल्क वसूलते रहे। अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में सितंबर 2026 तक चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। अब सवाल उठ रहे हैं कि… 2006 में ऐसा क्या हुआ कि पूरे देश की चुनावी व्यवस्था बदल गई, और 2017 के बाद मध्य प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव क्यों ठप पड़ गए; पूरी कहानी मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में…
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घरों में चल रही दुकानों पर क्यों लग रहे ताले:भोपाल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीलिंग; क्या अब बाकी शहरों की बारी है?
