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सीकर में पकड़ा गया कंबोडिया का साइबर क्रिमिनल:एक युवक को फंसाने के 300 डॉलर लेता था, अब तक 150 से ज्यादा को ले गया विदेश




सीकर के रामगढ़ सेठान से एक इंटरनेशनल साइबर क्रिमिनल को गिरफ्तार किया गया है। विदेशों में ऊंची सैलरी और सुविधाओं का लालच देकर भारतीय युवाओं को साइबर गुलाम बनाने वाले इंटरनेशनल गैंग पर सीकर साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि साइबर थाना व साइबर सेल की जॉइंट टीम ने कंबोडिया में चल रहे ठग गैंग से जुड़े एक शातिर एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी के ऊपर जयपुर के‌ साइबर पुलिस थाने में मामले‌ दर्ज हैं। सीकर के रामगढ़ सेठान से आरोपी‌‌ को दस्तयाब करके जयपुर की साइबर पुलिस टीम को सौंप दिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पासपोर्ट और मोबाइल जब्त किया है। सीकर के साइबर थानाधिकारी RPS जीवन राम खत्री ने बताया‌‌ कि गिरफ्तार आरोपी रामगढ़ सेठान निवासी सद्दाम हुसैन अंसारी खुद कंबोडिया में एक कंपनी में एचआर (HR) का काम कर चुका है। जांच में सामने आया कि वह अक्टूबर 2023 से जून 2026 के बीच 3 बार में करीब 2 साल कंबोडिया में रहा। 300 डॉलर लेता था शुरुआत में वह हर महीने 400 डॉलर पर काम करता था। कंपनी में पहचान बनने के बाद उसने राजस्थान के बेरोजगार युवाओं को कंप्यूटर डाटा एंट्री जॉब का झांसा देकर कंबोडिया बुलाना शुरू कर दिया। इसके बदले कंबोडियाई कंपनी उसे प्रति व्यक्ति 300 डॉलर (करीब 25 हजार रुपए) कमीशन देती थी। आरोपी अब तक सीकर और आसपास के कई युवाओं से ठगी कर चुका है। फर्जी विज्ञापन से युवाओं को फंसाता आरोपी पूछताछ में सामने आया कि कंबोडिया, लाओस, वियतनाम, म्यानमार और थाईलैंड जैसे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में फर्जी विज्ञापनों के जरिए बेरोजगार युवाओं को फंसाया जाता है। वहां पहुंचने पर पासपोर्ट जब्त करके जबरदस्ती डिजिटल अरेस्ट, फेक इन्वेस्टमेंट स्कीम्स, पार्ट-टाइम जॉब्स और कस्टमर केयर के नाम पर भारत व अन्य देशों के लोगों से ठगी करवाई जाती है। आरोपी ने बताया कि कंबोडिया के उस सेंटर में करीब 200 भारतीय काम कर रहे थे, जिनमें 150 से अधिक राजस्थान के ब्यावर, सीकर और 30-40 लोग केरल के थे। साइबर अपराधियों‌ के खिलाफ 20 जुलाई से 20 अगस्त तक चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज सीकर‌ जिले में यह कार्रवाई की गई है। आरोपी को जयपुर साइबर थाने में दर्ज मामले में आगे की जांच के लिए सौंप दिया गया है। अन्य एजेंटों की तलाश कार्रवाई में साइबर थाने के ASI ताराचंद, दीनदयाल, कॉन्स्टेबल भागीरथ, अशोक कुमार, बजरंग सिंह और महिपाल सिंह की स्पेशल भूमिका रही। पुलिस अब बैंक डिटेल्स और डिजिटल वॉलेट के जरिए नेटवर्क से जुड़े अन्य एजेंटों की तलाश कर रही है।



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