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सुकमा जिले के तुमलपाड़ गांव में कथित अवैध उत्खनन को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी गांव पहुंचे। सैकड़ों ग्रामीणों ने दोनों नेताओं से मुलाकात कर उत्खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई महीनों से कथित अवैध उत्खनन हो रहा है। उन्होंने अपनी समस्याएं नेताओं को बताते हुए इस काम को तुरंत बंद कराने की मांग की। हरीश कवासी ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। गांव में आज तक स्कूल नहीं खुला, लेकिन उत्खनन का काम तेजी से चल रहा है। उनका आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर उत्खनन किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। विक्रम मंडावी बोले- विकास चाहिए, लेकिन नियमों के अनुसार बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि विकास की आड़ में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका आरोप है कि उत्खनन से जुड़े जरूरी दस्तावेज और अनुमति स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना यह काम किया जा रहा है। प्रशासन पर संरक्षण देने का आरोप विधायक मंडावी ने कहा कि ग्रामीण विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर नियमों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और शासन पर कथित अवैध उत्खनन को संरक्षण देने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उत्खनन नहीं रुका तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीण बोले- विकास चाहिए, लेकिन नियमों के साथ बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि गांव में सड़क, स्कूल, रोजगार और दूसरी जरूरी सुविधाओं के लिए विकास जरूरी है। लेकिन विकास के नाम पर जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर उत्खनन की वैधता स्पष्ट करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ‘गांव के बजाय दूसरे राज्यों में भेजी जा रही गिट्टी’ ग्रामीणों का आरोप है कि उत्खनन से निकलने वाली गिट्टी और अन्य सामग्री का इस्तेमाल गांव के विकास कार्यों में नहीं किया जा रहा, बल्कि उसे दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नियमों को नजरअंदाज कर प्राकृतिक संसाधनों का दोहन स्वीकार नहीं करेंगे। ‘कंपनी ने कई वादे किए, एक भी पूरा नहीं हुआ’ ग्रामीणों ने बताया कि काम शुरू होने से पहले कंपनी ने कई वादे किए थे। हर परिवार को हर साल 25 हजार रुपए देने, ऑटो की सुविधा उपलब्ध कराने और गांव में स्कूल खोलने का आश्वासन दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। ग्राम सभा के बिना उत्खनन का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि उत्खनन शुरू करने से पहले ग्राम सभा की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। उनका कहना है कि विरोध के बावजूद दबाव और डर का माहौल बनाकर कथित तौर पर उत्खनन का काम जारी रखा गया।
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तुमलपाड़ में कथित अवैध उत्खनन का विरोध तेज:कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीणों से की मुलाकात; कार्रवाई नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
