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जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरोह का कथित मास्टरमाइंड इमरान अंसारी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने इमरान अंसारी के कब्जे से एक लैपटॉप बरामद किया है। इसकी तकनीकी जांच के जरिए पूरे साइबर नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसपी शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम गठित की गई थी। टीम ने कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के पिंडारी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में छापा मारकर चार साइबर अपराधियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरबाज अंसारी (20), शरीफ अंसारी (20), इरफान अंसारी (19) और फरीद अंसारी (19) के रूप में हुई है। इनके पास से 11 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी मोबाइल फोन और सिम कार्ड का उपयोग कर कूरियर कंपनी के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनते थे। वे लोगों से संपर्क कर समस्या के समाधान का झांसा देते थे और उन्हें एक फर्जी APK फाइल भेजते थे। पीड़ित के मोबाइल में APK इंस्टॉल होने के बाद, साइबर अपराधी गोपनीय जानकारी हासिल कर ठगी करते थे। जांच में सामने आया है कि देवघर निवासी शरीफ अंसारी स्थानीय युवकों को साइबर अपराध की ट्रेनिंग देता था।
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जामताड़ा पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़:4 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार; लैपटॉप बरामद, देवघर का शरीफ देता था ट्रेनिंग
