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किशनगंज के निजी कॉलेज की गतिविधियों-मान्यता जांच की मांग:विधायक ने आधारभूत संरचना और पढ़ाई पर जताया संदेह, बोले-सिर्फ एग्जाम देने आते है छात्र




किशनगंज के पोठिया प्रखंड में संचालित एक निजी डिग्री कॉलेज की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय विधायक कमरुल होदा की शिकायत के बाद जिलाधिकारी नवीन कुमार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। विधायक ने आरोप लगाया है कि यह संस्थान केवल कागजों पर चल रहा है और यहां नियमित पढ़ाई के बजाय डिग्रियां बांटी जा रही हैं। दरअसल, बिहार सरकार ने राज्य के 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया था, लेकिन पोठिया प्रखंड को इस योजना से बाहर रखा गया। इसका कारण यहां पहले से एक निजी महाविद्यालय का संचालित होना बताया गया। इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों और छात्रों में नाराजगी बढ़ गई थी। पोठिया में सरकारी डिग्री कॉलेज की मांग स्थानीय विधायक कमरुल होदा ने इस मुद्दे को बिहार विधानसभा में भी उठाया था। उन्होंने बताया कि जब पोठिया में सरकारी डिग्री कॉलेज की मांग की गई, तब शिक्षा मंत्री ने कहा था कि वहां पहले से अस्थायी संबद्धता प्राप्त कॉलेज संचालित है, इसलिए सरकारी कॉलेज की स्वीकृति नहीं दी जा सकती। विधायक का आरोप है कि जिस निजी महाविद्यालय का हवाला देकर सरकारी कॉलेज नहीं खोला जा रहा है, वह वास्तव में शिक्षा प्रदान नहीं कर रहा है। उन्होंने कॉलेज की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए किशनगंज के जिलाधिकारी नवीन कुमार ने संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि शिकायत उनके पास आई है और पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। सिर्फ एग्जाम देने आते है छात्र स्थानीय लोगों और छात्रों का दावा है कि कॉलेज परिसर में नियमित कक्षाएं नहीं चलतीं। उनका कहना है कि अधिकांश समय परिसर में न तो छात्र दिखाई देते हैं और न ही शैक्षणिक गतिविधियां होती हैं। केवल परीक्षा के दौरान हलचल होती है और उसके बाद परिणाम जारी कर डिग्रियां प्रदान कर दी जाती हैं। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है। कॉलेज के प्राचार्य का कहना है कि वर्ष 2025 में सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए संस्थान की स्थापना की गई है और यहां नियमित पढ़ाई होती है। उन्होंने कहा कि परीक्षा समाप्त होने के कारण फिलहाल छात्रों की संख्या कम दिखाई दे रही है। कॉलेज की गतिविधियों और मान्यता की जांच की मांग विधायक के अनुसार, पोठिया प्रखंड में पटना निवासी डॉ. अजय सिंह द्वारा लगभग 400 एकड़ भूमि पर चाय बागान और टी प्रोसेसिंग प्लांट संचालित किया जा रहा है। इसी परिसर में निजी डिग्री कॉलेज भी चल रहा है। कमरुल होदा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने कॉलेज की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाई तो कई अनियमितताओं की बातें सामने आईं। उनका कहना है कि कॉलेज की गतिविधियों और मान्यता प्रक्रिया की भी जांच होनी चाहिए। किशनगंज के उन जिलों में शामिल है जहां साक्षरता दर राज्य के औसत से कम है। ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर संस्थानों की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। विवाद के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि कॉलेज में आधारभूत सुविधाओं और नियमित शिक्षण व्यवस्था का अभाव है, तो उसे मान्यता कैसे मिली और इसके आधार पर पोठिया को सरकारी डिग्री कॉलेज से वंचित क्यों रखा गया। अब सभी की निगाहें जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



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