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Shashi Tharoor on RSS Hindu Rashtra & Mohan Bhagwat Statement


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मुंबई24 मिनट पहले

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शशि थरूर शुक्रवार को मुंबई में IIMUN की 15वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में शामिल हुए। - Dainik Bhaskar

शशि थरूर शुक्रवार को मुंबई में IIMUN की 15वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में शामिल हुए।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि RSS का मुख्य मकसद भारत को हिंदू राष्ट्र और हिंदुत्व के रूप में आगे बढ़ाना है और यह मूल विचारधारा आज भी नहीं बदली है।

थरूर ने ये बात मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ पर कही। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को इसी कार्यक्रम में Gen-Z और Gen-अल्फा से 1 घंटे तक बातचीत की थी। भागवत ने कहा था-

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जेन-जी और जेन-अल्फा, पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार हैं। हमें उनकी बात समझनी चाहिए, उनसे बात नहीं हुई तभी तो आंदोलन हुआ।

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थरूर ने भागवत के बयानों को अच्छा संकेत माना है। उन्होंने कहा- मैं दस साल से संघ प्रमुख के बयानों को देख रहा हूं। अब उनमें बदलाव दिखता है।

थरूर के संवाद की 5 प्रमुख बातें…

  • अलग विचारधारा वालों के साथ भी बातचीत जरूरी: जो लोग चाहते हैं कि मुझे पार्टी से निकाल दिया जाए क्योंकि मैं उस मंच पर गया था जहां मोहन भागवत भी मौजूद थे, वे यह नहीं समझते कि अलग सोच रखने वालों के साथ भी बातचीत की जा सकती है।
  • 2029 में Gen Z सबसे बड़ा वोटिंग ग्रुप होगा: 2029 में Gen-Z सबसे बड़ा वोटिंग ग्रुप होगा। देश के ज्यादातर हिस्सों को जागना होगा और इस बात को समझना होगा कि युवा बदलाव चाहते हैं। अब सब कुछ पहले जैसा नहीं चल सकता है।दक्षिण एशिया की राजनीतिक पार्टियां अब यह नहीं मान सकतीं कि राजनीति के पुराने तरीके काम करते रहेंगे। मैं अपनी पार्टी में यही बात कहता रहा हूं कि सड़क का काम सड़क पर और सदन का काम सदन में होना चाहिए।
  • मैं उस पार्टी का हिस्सा, जो मेरी सोच के करीब: कांग्रेस सबसे कम अलोकतांत्रिक पार्टी है। क्या आपने कभी सुना है कि बीजेपी में किसी ने असहमति जताई हो और पार्टी में बना रहा हो? मैं उस पार्टी में हूं जो मेरी सोच के सबसे करीब है।
  • राहुल को CJP जैसा समर्थन नहीं मिला: राष्ट्रव्यापी छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उठाए गए कई मुद्दों को कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी ‘छात्रों की गूंज’ मुहिम के जरिए पहले ही उठा चुके थे, लेकिन उन चिंताओं पर जनता से वैसा समर्थन नहीं मिल सका था।
  • हमें लोगों को समझने की जरूरत: CJP के आंदोलन का मुख्य हिस्सा बनने से कई महीने पहले ही कांग्रेस ने ऐसी ही चिंताओं को उठाया था। हमें इस बात पर गंभीरता से आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर कांग्रेस के प्रयासों को वैसी जन-प्रतिक्रिया क्यों नहीं मिली? हमें लोगों की नब्ज को और बेहतर तरीके से समझने की जरूरत है।

17 जून: राहुल ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया

दरअसल राहुल गांधी ने CJP के आंदोलन से पहले, 17 जून को राजस्थान के कोटा से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत की थी, जिसे बाद में देश के कई अन्य शहरों में ले जाया गया।

कांग्रेस का यह अभियान वह व्यापक जन-समर्थन हासिल करने में नाकाम रहा, जो बाद में CJP के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन में देखने को मिला।

भागवत ने कहा था- Gen-Z एंटी नेशनल नहीं है

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में Gen-Z और Gen-अल्फा से 1 घंटे तक संवाद किया था। इसमें उन्होंने कहा कि जेन-जी एंटी नेशनल नहीं हैं।

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