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हिमाचल- मंत्री विक्रमादित्य का कंगना पर निशाना:लिखा-मोहन भागवत Gen-Z को भारत का भविष्य बता रहे; ‘मोहतरमा’ उन्हें ‘गटर का कीड़ा’, ‘देश पर कलंक’ कह रही




हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट पर तंज कसा है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के Gen-Z को लेकर दिए बयान का हवाला देते हुए कंगना के हालिया बयान पर निशाना साधा। विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एक ओर RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत कहते हैं, ‘जनरेशन Z के साथ जुड़िए, वही भारत का भविष्य है।’ वहीं दूसरी ओर ‘मोहतरमा’ (कंगना) उन्हें ‘गटर के कीड़े’ और ‘देश पर कलंक’ बताती हैं। मंत्री ने आगे लिखा कि अब फैसला देश की जनता को करना है कि युवाओं को सम्मान और विश्वास देना सही है या उनका अपमान करना। ‘युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति’ विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उनके लिए इसका उत्तर स्पष्ट है। युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को जोड़ने की आवश्यकता है, तोड़ने की नहीं। उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में सवाल किया- ‘कौन सही है और कौन गलत?’ साथ ही पोस्ट के साथ कंगना रनौत की तस्वीर और उनके कथित बयान वाला एक ग्राफिक भी साझा किया। कंगना के Gen-Z पर बयान को लेकर तंज दरअसल, कंगना रनोट ने युवा पीढ़ी को गटर जनरेशन कहा था। कंगना ने कहा था- इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं और उनकी सोच इतनी बदसूरत तथा मानसिकता इतनी भ्रष्ट है कि वे अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं। फिर भी वे नशा करने, शराब पीने या कई लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाने की अपनी तथाकथित आजादी का खुलेआम प्रदर्शन करती हैं। वे बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर निर्भर रहती हैं और वास्तव में आत्मनिर्भर हुए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की मांग करती रहती हैं। एक विनम्र याद दिलाना: स्वतंत्र जीवन कमाना पड़ता है। अगर आप जिम्मेदारी उठाए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की कोशिश करते हैं, तो आप सिर्फ एक विकृत व्यक्तित्व हैं – ‘गटर छाप’। मोहन भागवत के बयान से तुलना कंगना के इसी ब्यान को लेकर विक्रमादित्य सिंह ने अब मोहन भागवत के Gen-Z को देश का भविष्य बताए जाने वाले कथित बयान के साथ तुलना करते हुए कंगना पर निशाना साधा है। विक्रमादित्य सिंह की इस पोस्ट को हिमाचल की राजनीति में युवा पीढ़ी और Gen-Z को लेकर भाजपा-कांग्रेस के नेताओं के बीच बयानबाजी के तौर पर देखा जा रहा है।



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