Headlines

बीटेक छात्र ने बनाई इलेक्ट्रिक कांवड़ बाइक 'तेजस' ':मेरठ के अक्षय ने PVC पाइप से बनाई, 150 KM चलने का दावा




मुजफ्फरगन में कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ के बीटेक छात्र अक्षय कुमार की बनाई ‘तेजस बाइक कांवड़’ आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे अक्षय रविवार देर शाम करीब 8 बजे अपनी अनोखी इलेक्ट्रिक कांवड़ के साथ मुज़फ़्फ़रनगर पहुंचे। बैटरी से चलने वाली इस कांवड़ को देखने के लिए कांवड़ मार्ग पर लोग रुकते नजर आए। 3 दिन में तैयार की बाइक कांवड़ मेरठ निवासी अक्षय कुमार B.Tech में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब उनके साथी कांवड़ यात्रा की तैयारी कर रहे थे, तब उनके मन में कुछ अलग करने का विचार आया। उन्होंने ऐसी कांवड़ बनाने का फैसला किया, जिसमें धार्मिक आस्था के साथ उनकी तकनीकी सोच भी नजर आए। अक्षय के मुताबिक, उन्होंने ‘तेजस बाइक कांवड़’ को महज तीन दिन में तैयार किया। इसमें मोटर, बैटरी, चार्जर, कंट्रोलर और हेडलाइट का इस्तेमाल किया गया है। कांवड़ का वजन कम रखने के लिए इसके ढांचे में PVC पाइप लगाया गया है। एक चार्ज में 150 किमी चलने का दावा अक्षय का दावा है कि पूरी तरह चार्ज होने के बाद बाइक कांवड़ करीब 150 किलोमीटर तक चल सकती है। इसकी अधिकतम गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। हालांकि, कांवड़ यात्रा के दौरान इसे जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार चलाया जा रहा है। 45 हजार रुपए में तैयार हुई कांवड़ छात्र ने बताया कि इस इलेक्ट्रिक कांवड़ को तैयार करने में करीब 45 हजार रुपए खर्च हुए हैं। इसे बनाते समय उन्होंने वजन, बैटरी और मोटर की क्षमता के साथ डिजाइन पर भी विशेष ध्यान दिया। अक्षय अपने चार-पांच साथियों के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर मेरठ की ओर जा रहे हैं। आस्था के साथ तकनीक का संगम मुज़फ़्फ़रनगर पहुंचने के बाद अक्षय की बाइक कांवड़ कांवड़ मार्ग पर लोगों के बीच कौतूहल का विषय बनी हुई है। लोग इसे देखने के साथ ही इसके डिजाइन और काम करने के तरीके के बारे में जानकारी लेते नजर आए। अक्षय ने बताया कि कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु हर साल अलग-अलग तरीके से अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। उनके आसपास के लोग जब कांवड़ लेने जा रहे थे, तब उन्होंने भी कुछ नया करने का फैसला किया, ताकि युवाओं की तकनीकी सोच सामने आ सके। युवाओं को दिया नया करने का संदेश अक्षय ने युवाओं से सामान्य तरीके से आगे बढ़ने के बजाय कुछ नया करने की कोशिश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसा काम करना चाहिए, जो उपयोगी हो और जिसे लंबे समय तक याद रखा जा सके। उनकी ‘तेजस बाइक कांवड़’ फिलहाल कांवड़ मार्ग पर आस्था और तकनीक के अनोखे संगम की मिसाल बनी हुई है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *