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गुरुग्राम नगर निगम ने शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने सीवरेज ओवरफ्लो की शिकायत को बिना हल किए रिसॉल्व्ड दिखाने पर एक जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई 2 अक्टूबर को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई बैठक में शिकायतों की जांच के बाद की गई। पालम विहार और गांव बसई से जुड़ी शिकायतों में दो अन्य जूनियर इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस भी दिए गए हैं। न्यू कॉलोनी निवासी सतीश कुमार मिड्ढा की शिकायत (नंबर 558612) में सीवरेज ओवरफ्लो और बदबू की समस्या से जुड़ी थी। जूनियर इंजीनियर अमित कुमार ने इसे पोर्टल पर रिसॉल्व्ड दिखा दिया था, जबकि शिकायतकर्ता ने बताया कि समस्या हल नहीं हुई। कार्यकारी अभियंता कार्यालय से किया अटैच इसके बाद निगमायुक्त ने अमित कुमार को नियमों के तहत निलंबित किया। निलंबन के दौरान उन्हें कार्यकारी अभियंता-मुख्यालय के ऑफिस में मौजूद रहने को कहा गया। पालम विहार निवासी शुभम नागिया की शिकायत (नंबर 560000) में भी ऐसी लापरवाही सामने आई, जिस पर जूनियर इंजीनियर आरिफ खान (एचकेआरएन) को नोटिस दिया गया। उन्हें तीन दिन में जवाब देने को कहा गया है। एक अन्य जूनियर इंजीनियर को भी दिया नोटिस गांव बसई और आसपास के क्षेत्र की सीवरेज शिकायत में भी इसी प्रकार की स्थिति मिलने पर जूनियर इंजीनियर तिलक (एचकेआरएन) से जवाब मांगा गया है। उन्हें भी तीन दिन में जवाब देने और 5 अक्टूबर को सुबह 9 बजे दस्तावेजों सहित सुनवाई में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया है कि केवल पोर्टल पर शिकायत को निस्तारित दिखाना पर्याप्त नहीं है। अधिकारियों को मौके पर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के बाद ही शिकायत की स्थिति अपडेट करनी होगी। असंतोषजनक जवाब देने या सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
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गुरुग्राम नगर निगम का JE सस्पेंड:शिकायत का समाधान किए बिना रिसॉल्व्ड दिखाया, दो अन्य जूनियर इंजीनियरों को नोटिस
