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Piles Symptoms; Hemorrhoids Early Signs, Treatment Explained


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54 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा

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रिसर्च गेट’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, भारत में करीब 4.7 करोड़ लोग पाइल्स यानी बवासीर से पीड़ित हैं। वहीं हर साल लगभग 10 लाख नए मामलों की पुष्टि होती है। इससे साफ है कि बवासीर आज एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। मेडिकल भाषा में इसे ‘हेमरॉयड्स’ कहा जाता है।

इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें लंबे समय तक बैठे रहना, कम फिजिकल एक्टिविटी, कब्ज और स्टूल पास करने के दौरान जोर लगाना जैसी चीजें शामिल हैं।

साल 2024 में ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड ड्रग रिसर्च’ में पब्लिश एक स्टडी ने भी सेडेंटरी लाइफस्टाइल को बवासीर का प्रमुख रिस्क फैक्टर बताया है।

इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में पाइल्स के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • इसके संकेत क्या हैं?
  • रोजमर्रा की कौन-सी आदतें रिस्क बढ़ाती हैं?
  • इससे बचाव के लिए क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट- डॉ. सुकृत सिंह सेठी, डायरेक्टर, सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, हेप्टोलॉजी एंड लिवर ट्रांसप्लांटेशन, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम

सवाल- पाइल्स (हैमरॉयड्स) क्या है?

जवाब- यह एक हेल्थ कंडीशन है। इसमें एनस और रेक्टम के निचले हिस्से की नसों में सूजन आ जाती है। इसकी वजह से ये समस्याएं हो सकती हैं-

  • दर्द
  • खुजली
  • जलन
  • सूजन
  • स्टूल पास करने के दौरान ब्लड आना।

सवाल- पाइल्स क्यों होती है?

जवाब- इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं-

  • कम फाइबर वाला भोजन करना।
  • स्टूल पास करने के दौरान ज्यादा जोर लगाना।
  • टॉयलेट में लंबे समय तक बैठे रहना।
  • लंबे समय तक कब्ज या दस्त रहना।
  • मोटापा।
  • प्रेग्नेंसी।
  • भारी वजन उठाना।
  • एनल इंटरकोर्स।

सवाल- पाइल्स कितने प्रकार की होती है?

जवाब- पाइल्स 4 प्रकार के होते हैं-

1. इंटरनल पाइल्स

  • रेक्टम के अंदर होती है।
  • शुरुआत में दर्द नहीं होता।
  • स्टूल पास करने के दौरान ब्लड आ सकता है।

2. एक्सटर्नल पाइल्स

  • एनस के बाहरी हिस्से में होती है।
  • दर्द, सूजन और खुजली हो सकती है।

3. प्रोलैप्स्ड पाइल्स

  • इंटरनल पाइल्स बाहर निकल आती है।
  • एनस के पास गांठ महसूस हो सकती है।
  • दर्द, जलन और ब्लीडिंग हो सकती है।

4. थ्रोम्बोस्ड पाइल्स

  • नस में ब्लड क्लॉट जम जाता है।
  • काफी दर्दनाक हो सकती है।

सवाल- डेली लाइफ में कौन सी छोटी-छोटी आदतों या गलतियों के कारण पाइल्स हो सकता है?

जवाब- रोजमर्रा की कुछ आदतें पाइल्स के रिस्क को बढ़ा सकती हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या ऑफिस में घंटों बैठना इसकी वजह बन सकता है?

जवाब- हां, घंटों एक ही जगह बैठने से एनस और रेक्टम की नसों पर दबाव पड़ता है। इससे उनमें सूजन आ सकती है। अगर इसके साथ पानी कम पीते हैं तो रिस्क बढ़ जाता है।

सवाल- क्या स्मोकिंग करने और शराब पीने से भी पाइल्स का जोखिम बढ़ता है?

जवाब- हां, इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • शराब डाइयूरेटिक की तरह काम करती है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
  • डीहाइड्रेशन से कब्ज का रिस्क बढ़ता है, जिससे स्टूल पास के दौरान रेक्टम पर दबाव बढ़ सकता है।
  • लगातार दबाव से एनस और रेक्टम की नसों में सूजन आ सकती है।
  • सिगरेट में मौजूद निकोटिन ब्लड वेसल्स को प्रभावित करता है और शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ा सकता है।

सवाल- क्या प्रेग्नेंसी में पाइल्स का रिस्क बढ़ता है?

जवाब- हां, इसके पीछे कई कारण हैं-

  • प्रेग्नेंसी में यूटेरस का साइज बढ़ता है। इससे रेक्टम और पेल्विक नसों पर दबाव पड़ता है।
  • प्रेग्नेंसी में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ जाता है। इससे गट मोटिलिटी स्लो हो जाती है और कब्ज का रिस्क बढ़ता है।
  • डिलीवरी के दौरान जोर लगाना पड़ता है। इससे एनस और रेक्टम की नसों पर दबाव बढ़ सकता है।

सवाल- क्या मेनोपॉज के समय पाइल्स का रिस्क बढ़ता है?

जवाब- हां, इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • मेनोपॉज के समय एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल कम होने लगता है।
  • इससे टिश्यू और ब्लड वसल्स की फ्लैक्सिबिलिटी घट सकती है। यह कब्ज की समस्या बढ़ाती है।
  • उम्र बढ़ने के साथ टिश्यू कमजोर होने लगते हैं, जिससे नसों पर प्रेशर बढ़ सकता है।

सवाल- किन लोगों को पाइल्स का रिस्क ज्यादा होता है?

जवाब- कुछ लोगों में पाइल्स का रिस्क दूसरों की तुलना में ज्यादा होता है। जैसेकि-

  • जिनकी उम्र 45 साल से ज्यादा है।
  • जो ओबीज हैं।
  • जो फाइबर रिच फूड कम खाते हैं।
  • जो पर्याप्त पानी नहीं पीते।
  • जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं।
  • जो नियमित भारी वजन उठाते हैं।
  • जिन्हें कब्ज की समस्या है।
  • गर्भवती महिलाएं।

सवाल- पाइल्स के शुरुआती लक्षण या संकेत क्या हैं?

जवाब- पाइल्स के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं। ग्राफिक में सभी शुरुआती संकेत देखिए-

सवाल- पाइल्स की एडवांस्ड स्टेज के लक्षण क्या हैं?

जवाब- अगर पाइल्स का समय पर इलाज न किया जाए, तो लक्षण गंभीर हो सकते हैं। ग्राफिक में सभी गंभीर लक्षण देखिए-

सवाल- क्या एकदम शुरुआती स्टेज में ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

जवाब- हां, शुरुआत में इलाज और लाइफस्टाइल में बदलाव से अक्सर समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।

सवाल- क्या पाइल्स इसलिए बड़ी समस्या बन जाता है, क्योंकि लोग शर्म, संकोच के कारण डॉक्टर के पास नहीं जाते?

जवाब- हां, पाइल्स एनस से जुड़ी समस्या है। इसलिए लोग अक्सर शर्म, झिझक या संकोच के कारण इसके लक्षण छिपाते हैं।

सवाल- क्या एकदम शुरुआती स्टेज में ही डॉक्टर को दिखाएं तो ये प्रॉब्लम आसानी से ठीक हो सकती है?

जवाब- हां, शुरुआती स्टेज में इलाज शुरू करने पर पाइल्स को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।

सवाल- पाइल्स का इलाज क्या है?

जवाब- इलाज इसकी गंभीरता और स्टेज पर निर्भर करता है। ज्यादातर मामलों में शुरुआत में दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव से राहत मिल सकती है।

आराम न मिलने पर रबर बैंड लिगेशन (पाइल्स की गांठ पर एक छोटा रबर बैंड लगाया जाता है), लेजर ट्रीटमेंट या सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

सवाल- पाइल्स में सर्जरी की जरूरत कब पड़ती है?

जवाब- इन स्थितियों में सर्जरी की जरूरत पड़ती है-

  • दवाओं से आराम न मिले।
  • पाइल्स ज्यादा बढ़ जाए।
  • ज्यादा ब्लीडिंग हो।
  • दर्द और सूजन लगातार बनी रहे।
  • पाइल्स बाहर निकल आए।

ऐसे मामलों में डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार सर्जरी की सलाह देते हैं।

सवाल- क्या एक बार सर्जरी के बाद पाइल्स दोबारा हो सकती है?

जवाब- हां, अगर सर्जरी के बाद भी रिस्क बढ़ाने वाली आदतें बनी रहती हैं, तो पाइल्स दोबारा हो सकती है।

सवाल- क्या पाइल्स अपने आप भी ठीक हो सकती है?

जवाब- हां, शुरुआती और हल्के मामलों में कब्ज को कंट्रोल करने और लाइफस्टाइल में सुधार करने से पाइल्स के लक्षण कम हो सकते हैं।

सवाल- अगर किसी को पाइल्स हो तो उसकी डाइट क्या होनी चाहिए?

जवाब- पाइल्स में ऐसी डाइट लेनी चाहिए, जिससे कब्ज की समस्या न हो और स्टूल आसानी से पास हो सके। इसे कैटेगरी के हिसाब से समझिए-

सवाल- कौन से फूड्स पाइल्स में नुकसानदायक होते हैं?

जवाब- पाइल्स में ऐसे फूड आइटम्स से बचना चाहिए, जो कब्ज बढ़ाएं। जैसेकि-

  • अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स
  • तला-भुना और जंक फूड
  • कम फाइबर वाले फूड्स
  • ज्यादा मसालेदार भोजन
  • शुगरी फूड
  • मिठाइयां
  • शराब

सवाल- पाइल्स से बचने के आसान तरीके क्या हैं?

जवाब- डेली लाइफ में कुछ आसान आदतें अपनाकर पाइल्स के रिस्क से बचा जा सकता है। ग्राफिक में देखिए-

पाइल्स को लेकर सबसे बड़ी परेशानी यह है कि लोग इसे सामान्य या शर्मिंदगी वाली समस्या मानकर नजरअंदाज करते हैं। समय पर पहचान से बीमारी की वजह समझने और सही इलाज शुरू करने में मदद मिलती है।

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