Home Damp Prevention Remedies; Monsoon Fungus Health Risk


57 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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बारिश के मौसम में घरों में सीलन और फंगस की समस्या बढ़ जाती है। लगातार बनी रहने वाली नमी से दीवारों पर काले धब्बे पड़ने लगते हैं, पेंट उखड़ने लगता है और फर्नीचर भी खराब होने लगता है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या धीरे-धीरे गंभीर हो सकती है।

इसका असर सिर्फ घर की दीवारों और सामान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सेहत पर भी पड़ सकता है। सीलन और फंगस से एलर्जी, रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन और स्किन इन्फेक्शन जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क भी होता है।

हालांकि कुछ सावधानियाें से घर में सीलन और फंगस की समस्या से बचा जा सकता है।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात करेंगे कि घर में सीलन और फंगस की समस्या क्यों होती है। साथ ही जानेंगे कि-

  • सीलन और फंगस घर को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?
  • मानसून में घर को सीलन और फंगस से कैसे बचाएं?

एक्सपर्ट-

अजय यादव, फाउंडर, हैलो एसपीएस इंडिया, क्लीनिंग सर्विस, भोपाल

डॉ. रोहित शर्मा, कंसलटेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर

सवाल- सीलन और फंगस क्या है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

सीलन

  • घर में मौजूद अतिरिक्त नमी को सीलन कहते हैं।
  • यह दीवारों, छत, फर्श या फर्नीचर में नमी जमा होने से बनती है।

फंगस

  • फंगस एक तरह का सूक्ष्म जीव (माइक्रोऑर्गेनिज्म) है।
  • यह नम, अंधेरी और कम हवादार जगहों पर तेजी से बढ़ता है।
  • यह दीवारों, लकड़ी, कपड़ों और बाथरूम की सतहों पर काले, हरे या सफेद धब्बों के रूप में दिखाई देता है।

आसान शब्दों में कहें तो जहां नमी होगी, वहां सीलन बनने की संभावना रहती है। अगर वही नमी लंबे समय तक बनी रहे, तो वहां फंगस पनपने लगता है।

सवाल- घर में किन कारणों से सीलन और फंगस आते हैं?

जवाब- घर में ज्यादा नमी और खराब वेंटिलेशन सीलन और फंगस की मुख्य वजह हैं। सभी कारण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- मानसून में सीलन और फंगस की समस्या क्यों बढ़ जाती है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • मानसून के दौरान हवा में नमी (ह्यूमिडिटी) बढ़ जाती है, जो फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाती है।
  • घर के अंदर कपड़े सुखाने से कमरे की नमी बढ़ जाती है। इससे सीलन और फंगस की समस्या हो सकती है।
  • लगातार बारिश, कम धूप और खराब वेंटिलेशन से दीवारों, छत, फर्श और फर्नीचर में नमी जमा हो जाती है।
  • बारिश में छोटे-छोटे क्रैक से लीकेज होता है। यही लीकेज सीलन और फंगस का कारण बनते हैं।

सवाल- घर के किन हिस्सों में सीलन और फंगस का रिस्क ज्यादा होता है?

जवाब- घर के जिन हिस्सों में पानी का ज्यादा इस्तेमाल होता है या नमी लंबे समय तक बनी रहती है, वहां सीलन और फंगस का रिस्क ज्यादा होता है। जैसेकि-

  • बाथरूम
  • किचन
  • बेसमेंट/स्टोर रूम
  • AC रूम
  • दीवारों के कोने
  • बाहरी दीवारें
  • खिड़की-दरवाजों के आसपास
  • अलमारी और फर्नीचर के पीछे
  • लंबे समय तक बंद कमरे
  • छत और सीलिंग
  • बालकनी के कोने
  • ड्रेनेज एरिया

सवाल- सीलन और फंगस घर को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?

जवाब- ये धीरे-धीरे घर के स्ट्रक्चर और सामानों को नुकसान पहुंचाते हैं। जैसेकि-

  • घर में लगातार सीलन की स्मेल बनी रहती है।
  • कपड़ों से सीलन की स्मेल आने लगती है।
  • किताबों और कागजों में फंगस लग जाते हैं।
  • लेदर के सामान खराब होने लगते हैं।
  • वुडेन फर्नीचर फूलने और कमजोर होने लगते हैं।
  • फर्नीचर की लाइफ कम हो जाती है।
  • दीवारों और छत पर काले धब्बे पड़ने लगते हैं।
  • दीवारों का पेंट उखड़ने लगता है।
  • प्लास्टर कमजोर होने लगता है।
  • इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब हो सकते हैं।
  • शॉर्ट सर्किट का रिस्क बढ़ जाता है।
  • दीमक, मच्छर और अन्य छोटे कीड़े बढ़ने लगते हैं।
  • घर का इंटीरियर जल्दी खराब दिखने लगता है।
  • मेंटेनेंस का खर्च बढ़ जाता है।

सवाल- सीलन और फंगस हमारी हेल्थ को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?

जवाब- फंगस के छोटे-छोटे कण (स्पोर्स) हवा में फैलकर सांस के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं। इससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और एलर्जी या अस्थमा के मरीजों में इसका रिस्क ज्यादा होता है। ग्राफिक में सभी हेल्थ रिस्क देखिए-

सवाल- मानसून में घर को सीलन और फंगस से कैसे बचाएं?

जवाब- सही वेंटिलेशन, रेगुलर सफाई और समय पर लीकेज ठीक कराने जैसी सावधानियां सीलन-फंगस के रिस्क से बचाने में मदद करती हैं। ग्राफिक में सभी सेफ्टी टिप्स देखिए-

सवाल- फंगस हटाने के घरेलू तरीके क्या हैं?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

विनेगर स्प्रे

  • फंगस वाली जगह पर व्हाइट विनेगर स्प्रे करें।
  • 1 घंटे बाद ब्रश से रगड़कर साफ करें।
  • यह फंगस को खत्म करने में मदद करता है।

बेकिंग सोडा

  • 1 कप पानी में 1 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं।
  • इसे प्रभावित जगह पर स्प्रे करके हल्के हाथों से स्क्रब करें।
  • बाद में साफ पानी से पोंछें।
  • यह सतह को नुकसान पहुंचाए बिना फंगस हटाता है।

ब्लीच

  • पानी में थोड़ा ब्लीच मिलाकर स्प्रे करें।
  • यह एक पावरफुल एंटी-फंगल स्प्रे है।
  • इसे यूज करते समय ग्लव्स पहनें और कमरे में वेंटिलेशन रखें।

नीम का पानी

  • नीम की पत्तियां पानी में उबालें।
  • इसे फंगस वाली जगह पर स्प्रे करें।
  • इसके एंटी-फंगल गुण फंगस हटाते हैं।

टी ट्री ऑयल

  • 1 कप पानी में 1 चम्मच टी-ट्री ऑयल मिलाकर स्प्रे करें।
  • यह एक पावरफुल नेचुरल एंटी-फंगल है।

हाइड्रोजन पेरॉक्साइड (3%)

  • सीधे फंगस पर स्प्रे करें।
  • 10 मिनट बाद साफ कर दें।
  • यह जिद्दी फंगस पर भी असर करता है।

नमक

  • नमक को कटोरी में भरकर प्रभावित जगह के पास रखें।
  • यह हवा की नमी सोखता है और फंगस बनने से रोकता है।

कपूर

  • कपूर को अलमारी या कमरे में रखें।
  • यह नमी और फंगस की स्मेल कम करता है।

ध्यान रखें, ज्यादा फंगस या लगातार सीलन होने पर एक्सपर्ट की मदद लेना बेहतर है।

सवाल- क्या वाटरप्रूफिंग सीलन और फंगस से बचाने में मददगार है?

जवाब- हां, यह दीवारों, छत और फर्श में पानी के लीकेज को रोकती है। इससे नमी जमा नहीं होती और सीलन-फंगस की समस्या कम होती है।

सवाल- सीलन और फंगस से बचने के लिए पेंट चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें?

जवाब- इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि-

  • अच्छी क्वालिटी और भरोसेमंद ब्रांड का पेंट लें।
  • एंटी-फंगल और एंटी-डैम्प पेंट चुनें।
  • वाटर-रेसिस्टेंट पेंट को प्रिऑरिटी दें।
  • पेंट से पहले दीवारों की सीलन ठीक कराएं।
  • प्राइमर और वॉटरप्रूफ कोटिंग जरूर करवाएं।

सवाल- कब प्रोफेशनल मदद लेनी चाहिए?

जवाब- कुछ स्थितियों में प्रोफेशनल मदद लेना जरूरी है-

  • दीवारों में लगातार नमी बनी रहे।
  • बार-बार फंगस वापस आए।
  • छत या पाइपलाइन में लीकेज हो।
  • दीवारों या छत में दरारें दिखें।
  • घर में सीलन और खराब स्मेल बनी रहे।
  • फर्नीचर में दीमक और नमी दिखे।
  • घर का स्ट्रक्चर कमजोर दिखे।

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