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मुरैना में हूटर पर कार्रवाई बनी सियासी मुद्दा:सभापति की कार का 2500 रुपए चालान, महापौर की गाड़ी बिना जांच निकल गई




मुरैना एमएस रोड स्थित पुराने बस स्टैंड चौराहे पर सोमवार शाम हुई मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान VIP कल्चर के साथ नगर निगम की राजनीति भी सड़क पर नजर आई। चेकिंग के दौरान नगर निगम सभापति राधारमण दंडोतिया की हूटर लगी कार को पुलिस ने रोक लिया और कार्रवाई करते हुए 2,500 रुपए का चालान काटा। इसी दौरान महापौर शारदा सोलंकी की हूटर लगी कार भी चेकिंग प्वाइंट की ओर पहुंची, लेकिन पुलिस के रोकने से पहले ही चालक कार को तेज रफ्तार में आगे ले गया। इस घटनाक्रम के बाद सभापति ने कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। सभापति की हूटर लगी कार रोकी, 2500 रुपए का चालान एमएस रोड पर चल रही मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान पुलिस ने नगर निगम सभापति राधारमण दंडोतिया की कार को रोका। कार पर हूटर लगा हुआ था। जांच के दौरान पुलिस ने हूटर को नियम विरुद्ध मानते हुए कार्रवाई की और सभापति की कार का 2,500 रुपए का चालान काटा। सभापति ने कहा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो चालान होने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उनका सवाल कार्रवाई के तरीके को लेकर है। महापौर की हूटर कार भी पहुंची, लेकिन आगे निकल गई इसी चेकिंग प्वाइंट पर महापौर शारदा सोलंकी की हूटर लगी कार भी पहुंची। सभापति के अनुसार, पुलिस द्वारा कार को रोककर जांच किए जाने से पहले ही चालक उसे तेज रफ्तार में आगे निकाल ले गया। इस वजह से महापौर की कार की मौके पर जांच और चालानी कार्रवाई नहीं हो सकी। सभापति ने कार्रवाई की निष्पक्षता पर उठाए सवाल सभापति राधारमण दंडोतिया ने मजिस्ट्रेट चेकिंग में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि यदि किसी वाहन पर नियम विरुद्ध हूटर लगा है तो कार्रवाई सभी के खिलाफ समान रूप से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी कार का चालान काटे जाने या जुर्माना भरने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि दूसरे वाहन को बिना जांच निकलने दिया जाता है तो इससे सवाल जरूर खड़े होते हैं। सभापति बोले- राजनीतिक भेदभाव नहीं होना चाहिए राधारमण दंडोतिया ने आरोप लगाया कि वे कांग्रेस से जुड़े हैं, इसलिए उनकी कार को रोककर कार्रवाई की गई, जबकि महापौर भाजपा से हैं और उनकी कार पर भी हूटर लगा होने के बावजूद उसे नहीं रोका गया। उन्होंने कहा, “नियम विरुद्ध हूटर है तो दोनों वाहनों पर कार्रवाई होनी चाहिए। हमारी कार का चालान हुआ, इससे हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन कार्रवाई राजनीतिक भेदभाव के आधार पर नहीं होनी चाहिए।” सभापति ने यह भी आरोप लगाया कि महापौर की कार को पुलिस ने रोकने की हिम्मत नहीं दिखाई, क्योंकि महापौर भाजपा से हैं और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। महापौर का पक्ष जानने कॉल-मैसेज, जवाब नहीं मिला सभापति के आरोपों के बाद महापौर शारदा सोलंकी का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर कॉल और मैसेज किए गए। हालांकि, खबर लिखे जाने तक महापौर की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। उनका पक्ष सामने आने के बाद ही इस मामले की दूसरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। 50 से ज्यादा वाहनों की चेकिंग दरअसल, सोमवार शाम करीब 5 बजे एमएस रोड स्थित पुराने बस स्टैंड चौराहे पर अचानक मजिस्ट्रेट चेकिंग शुरू की गई। चेकिंग शुरू होते ही VIP और रसूखदार वाहन चालकों में अफरा-तफरी की स्थिति नजर आई। चेकिंग की जानकारी मिलते ही कई हूटर और काली फिल्म लगे वाहनों के चालक रास्ता बदलकर निकलते दिखाई दिए। अभियान के दौरान 50 से ज्यादा संदिग्ध और रसूखदार वाहनों की जांच की गई। हूटर उतरवाए, काली फिल्म भी हटाई चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट, अवैध हूटर और काली फिल्म लगे वाहनों पर कार्रवाई की गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर ही कई वाहनों से अवैध हूटर उतरवाए। इसके साथ ही नियम विरुद्ध लगी काली फिल्म भी हटाई गई। 24 चार पहिया वाहनों पर कार्रवाई, 80 हजार रुपए वसूले मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान कुल 24 चार पहिया वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई। इन वाहनों से करीब 80 हजार रुपए का समन शुल्क वसूला गया। कार्रवाई के दौरान वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने और नियम विरुद्ध उपकरण नहीं लगाने की हिदायत भी दी गई। न्यायपालिका की मौजूदगी में हुई कार्रवाई इस बार VIP कल्चर और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए न्यायपालिका के अधिकारी भी सड़क पर मौजूद रहे। कार्रवाई में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय सिंह, डिस्ट्रिक्ट जज राकेश कुमार जाटव, न्यायाधीश सिद्धार्थ कुमार, दिव्यांशु गुप्ता, रीना शर्मा, ज्योत्सना तोमर और रिया शर्मा सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। तीन थानों के भारी पुलिस बल के साथ टीम ने वाहनों की सघन जांच की। VIP कल्चर पर लगाम लगाने का था उद्देश्य मजिस्ट्रेट चेकिंग का मुख्य उद्देश्य सड़क पर VIP कल्चर और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करना था। अवैध हूटर, काली फिल्म, बिना नंबर प्लेट और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की गई। हालांकि, नगर निगम सभापति की कार पर हुई कार्रवाई और महापौर की कार के बिना जांच आगे निकल जाने की घटना ने पूरी कार्रवाई की निष्पक्षता पर राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यही- नियम एक तो कार्रवाई भी एक जैसी क्यों नहीं? चेकिंग में 24 वाहनों पर कार्रवाई और करीब 80 हजार रुपए का जुर्माना यह बताता है कि प्रशासन ने VIP कल्चर पर कार्रवाई की। लेकिन नगर निगम के सभापति और महापौर की गाड़ियों से जुड़ा घटनाक्रम अब इस अभियान की निष्पक्षता को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। सभापति का सवाल है कि यदि नियम सभी के लिए समान हैं, तो कार्रवाई भी सभी के खिलाफ एक जैसी क्यों नहीं होनी चाहिए? वहीं, महापौर की ओर से जवाब नहीं आने के कारण फिलहाल इस मामले में उनका पक्ष सामने आना बाकी है।



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