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मंडला में 21 वर्षीय किडनी मरीज अजीत बरया की एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में लापरवाही पाए जाने के बाद 108एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली संस्था पर 2 लाख 30 हजार 677 रुपए की पेनल्टी लगाई गई है। यह राशि संबंधित एंबुलेंस वाहन के एक माह के कुल परिचालन व्यय के बराबर है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डीजे मोहंती ने बताया कि 29 जुलाई को सामने आए वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई थी। यह जांच 108 एंबुलेंस सेवा में लापरवाही और ऑक्सीजन की उपलब्धता से संबंधित थी। जांच रिपोर्ट मिशन संचालक, भोपाल को भेजी गई थी। जांच में यह पाया गया कि मरीज के परिवहन के दौरान एंबुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन), जिला समन्वयक और संबंधित संस्था की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, मिशन संचालक ने अनुबंध की शर्तों के तहत संस्था पर यह पेनल्टी लगाई है। ये था मामला यह घटना 27 जुलाई को हुई थी, जब सुनहरा माल निवासी अजीत बरया को बम्हनी से जिला अस्पताल मंडला लाया जा रहा था। इसी दौरान उनकी मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि रास्ते में एंबुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया था। बाद में एंबुलेंस के अंदर का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें ऑक्सीजन सिलेंडर का प्रेशर गेज शून्य पर होने का दावा किया गया था। इस मामले में कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे के निर्देश पर एक चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली पुलिस ने बीएनएस की धारा 106(1) के तहत ईएमटी मंजुला पटेल, जिला समन्वयक उमेश जंघेला और प्रोजेक्ट हेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसके अतिरिक्त, एंबुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी पहले ही चार कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त करने की जानकारी दे चुकी है। सीएमएचओ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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मंडला में 108 एंबुलेंस लापरवाही पर एक्शन:संचालन करने वाली कंपनी पर 2.30 लाख रुपए की पेनल्टी
