![]()
धनबाद के कतरास थाना क्षेत्र स्थित छाताबाद में 6 अगस्त को हुए भू-धंसान के पांच दिन बाद भी प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बरकरार हैं। करीब 20 घर जमींदोज होने के बाद इलाके में अब भी दहशत का माहौल है। कई परिवार अपने घरों में ताला लगाकर खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। इस भू-धंसान की घटना में लगभग एक दर्जन लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद इलाके में कई स्थानों पर जमीन फट गई है और घरों का मलबा बिखरा पड़ा है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके मजबूत मकान पल भर में धरती में समा गए, जिससे उनका घरेलू सामान और वर्षों की जमा पूंजी भी बर्बाद हो गई। अब तक कोई स्थायी राहत व्यवस्था नहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के पांच दिन बीत जाने के बावजूद बीसीसीएल और जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए अब तक कोई स्थायी राहत व्यवस्था नहीं की गई है। न तो पर्याप्त राहत शिविर स्थापित किए गए हैं और न ही परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाया गया है। लोगों का कहना है कि वे अपने घरों में लौटने की स्थिति में नहीं हैं और खुले में रहने के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को काफी परेशानी हो रही है। प्रभावित महिला मदीना ने बताया कि घटनास्थल पर बीसीसीएल द्वारा लगाई गई लाइटें भी अब हटा ली गई हैं। रात में अंधेरा होने के कारण लोगों का डर और बढ़ गया है। एक महीने में छाताबाद में यह दूसरी घटना मदीना ने सरकार और जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले एक महीने के भीतर छाताबाद में भू-धंसान की यह दूसरी घटना है। इसके बावजूद प्रभावित परिवारों को अब तक स्थायी सुरक्षा और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं मिल सकी है। लोगों में प्रशासन और बीसीसीएल के प्रति गहरी नाराजगी है। प्रभावित परिवारों ने सरकार से जल्द राहत और सुरक्षित पुनर्वास की गुहार लगाई है।
Source link
धनबाद में भू-धंसान के 5 दिन बाद भी दहशत:पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर, 20 घर हो चुके हैं जमींदोज
