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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक सीताराम लांबा आज हाथरस पहुंचे। मंगलवार को दोपहर एक बजे के लगभग उन्होंने यहां अलीगढ़ रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत बैठक की। इस बैठक के दौरान, कई दावेदारों ने जिलाध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की और संबंधित फॉर्म जमा किए। पर्यवेक्षक लांबा इन फॉर्मों को केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे। मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए लांबा ने बताया कि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ऐसे व्यक्ति को बनाया जाएगा जिसका चुनाव सीधे जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा होगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान इसी प्रक्रिया के तहत चलाया जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी में भी उन्हीं लोगों को स्थान मिलेगा जिनकी जनता के बीच मजबूत पकड़ होगी। ब्लॉक स्तर तक भी इसी तरह की कमेटियां बनाई जाएंगी। लांबा ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है और जिले का अध्यक्ष भी आंतरिक लोकतंत्र के माध्यम से ही चुना जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि हाथरस में कांग्रेस का संगठन कमजोर है, जिसके कारण पार्टी यहां कमजोर स्थिति में है। ‘संगठन सृजन अभियान’ का मुख्य उद्देश्य इसी कमजोरी को दूर कर संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने जिलाध्यक्ष पद के लिए योग्यता बताते हुए कहा कि उम्मीदवार को कम से कम पांच साल तक पार्टी में सक्रिय रहना चाहिए। इसके लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल से आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन सुधरेगा। लांबा अगले सात दिनों तक हाथरस में ही रहेंगे। एक सवाल के जवाब में लांबा ने यह भी स्वीकार किया कि हाथरस कांग्रेस में गुटबाजी है। यह रहे मुख्य रूप से मौजूद इस अवसर पर जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, पूर्व जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित, शरद उपाध्याय नंदा, मथुरा प्रसाद, पंडित ब्रह्मदेव शर्मा, पूर्व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशांक पचौरी एडवोकेट, अजीत गोस्वामी, अवधेश बख्शी, कपिल सिंह, डॉ. मुकेश चंद्रा, सुनील गौड़, प्रदीप तेनगुरिया, संजीव आंधीवाल सहित कई प्रमुख नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।
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कांग्रेस पर्यवेक्षक सीताराम लांबा हाथरस पहुंचे:संगठन सृजन अभियान को लेकर की बैठक, बोले- यहां पर पार्टी कमजोर है
