अधिकारियों ने कहा है कि हीरे को अगली नीलामी में रखा जाएगा।
पन्ना जिले की एक खदान में 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है। एक्सपर्ट्स ने इसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा बताई है। हीरे को सरकारी दफ्तर में जमा करा दिया गया है। इसे अगली नीलामी में रखा जाएगा। इससे मिली रकम रॉयल्टी और टैक्स काटने के ब
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खदान में 7 साझेदार- अखिलेश पाल, संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल, अरुण रावत, हेमचंद्र पाल, जमुना पाल और हीरालाल कुशवाहा हैं। अखिलेश ने करीब दो साल पहले अपने खेत में हीरा खदान के लिए पट्टा लिया था। मंगलवार को बारिश के बाद खदान से निकले मलबे का जायजा लेने पहुंचे तो मिट्टी के ढेर में पानी से धुलकर चमकता हीरा दिखा।
2026 में अब तक पन्ना के शासकीय हीरा कार्यालय में 14 हीरे जमा किए जा चुके हैं। इनका कुल वजन 61.94 कैरेट है।
देखिए, तीन तस्वीरें…

अधिकारियों ने हीरे को अगली नीलामी में रखने की बात कही है।

खदान में हीरा निकलने से साझेदार ही नहीं, उनके परिजन भी खुश हैं।

सरकारी वैल्युएशन में हीरे की कीमत 50 लाख से ज्यादा निकली है।
शादी और मकान पर खर्च करेंगे रकम
खदान के सभी सात साझेदार मजदूरी और खेती का काम करते हैं। उन्होंने साल 2024 में पट्टा बनवाकर निजी खेत में खदान शुरू की थी, उस समय कोई हीरा नहीं निकला। इसके बाद इसी साल दोबारा पट्टा बनवाया था।
संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल और अरुण रावत ने आर्थिक अभाव के कारण अब तक शादी नहीं की है। हीरे की नीलामी से मिलने वाले रुपयों का एक हिस्सा उनकी शादी में खर्च किया जाएगा। दूसरे साझेदारों ने बच्चों की पढ़ाई और घर बनाने की बात कही है।
इससे पहले कब-किसको मिला हीरा
9 दिसंबर को दो दोस्तों को मिला था हीरा
इससे पहले 9 दिसंबर 2025 को कृष्णा कल्याणपुर पटी इलाके की खदान से 15.34 कैरेट का जेम्स क्वालिटी हीरा मिला था। इसकी अनुमानित कीमत भी 50 लाख रुपए से ज्यादा बताई गई। खदान रानीगंज निवासी सतीश खटीक (24) और उनके दोस्त साजिद मोहम्मद (23) ने संयुक्त रूप से लगाई थी।

सतीश और साजिद ने हीरे की बिक्री से मिली रकम से नई खदान लगाने की बात कही।
एक दिन बाद ही किसान को मिला 10 लाख का हीरा
इसके ठीक एक दिन बाद 10 दिसंबर 2025 को कृष्णा कल्याणपुर पटी क्षेत्र में ही किसान राजेंद्र सिंह बुंदेला की उथली खदान से 3.39 कैरेट का जेम्स क्वालिटी हीरा निकला। इसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है।
राजेंद्र छतरपुर जिले के खजुराहो में वार्ड नंबर 12 के रहने वाले हैं। करीब डेढ़ साल पहले उन्हें लकवा लग गया था। इलाज के बाद सेहत सुधरी लेकिन शारीरिक मेहनत नहीं कर पा रहे थे। इसके चलते हीरा खदान का पट्टा लिया था।

राजेंद्र सिंह बुंदेला ने अपना इलाज कराने की जरूरत बताई।
30 लाख के हीरे ने बदली आदिवासी भाइयों की किस्मत
इसी साल 29 जून 2026 को दो आदिवासी भाइयों को अपनी खदान में 30 लाख रुपए का हीरा मिला। ये 11.19 कैरेट का जेम्स क्वालिटी हीरा है। अहिरगवां की इस खदान में 4 साझेदार- राकेश गौड़, उसका बड़ा भाई राजू आदिवासी, जीजा रतन आदिवासी और खेत मालिक छुट्टो सरकार हैं।

अहिरगवां की खदान से निकले हीरे की अनुमानित कीमत 30 लाख रुपए है।
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हीरे की तमन्ना में खदान पर तंत्र-मंत्र और टोटके

मध्य प्रदेश के पन्ना में हीरे निकालने की जद्दोजहद सिर्फ मेहनत तक सीमित नहीं है। उथली खदानों में किस्मत चमकाने के लिए तंत्र-मंत्र और टोने-टोटके किए जाते हैं। अजीब मान्यताओं के तहत सेक्स से लेकर श्मशान की राख तक का इस्तेमाल किया जाता है। ये क्रियाएं सिर्फ बुधवार और रविवार को की जाती हैं और इन्हें असरदार माना जाता है। पढ़ें पूरी खबर…
