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अमन गुप्ता का युवाओं को गुरुमंत्र- असली सीख किताबों से नहीं बल्कि ठोकरें खाने से मिलती है…




भास्कर न्यूज | अमृतसर प्रसिद्ध ऑडियो-वियर ब्रांड बॉट के को-फाउंडर और शार्क टैंक इंडिया के पॉपुलर जज अमन गुप्ता ने छात्रों और अभिभावकों को जीवन का बड़ा पाठ पढ़ाते हुए कहा कि असफलता से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि असली सीख किताबों से नहीं बल्कि ठोकरें खाने और असफल होने के बाद ही मिलती है। वह लोहारका रोड स्थित इनविक्टस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित ईयर एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर 2026 चैलेंज आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान स्कूल की डायरेक्टर मनजोत कौर ढिल्लों ने उनके साथ उनकी सफलता, शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर पर खुलकर बातचीत की। अपने इस कार्यक्रम में उन्होंने यही संदेश दिया कि जिंदगी में प्रयोग करने से न डरें। अगर आप अलग-अलग चीजें ट्राई नहीं करेंगे, तो कभी यह जान नहीं पाएंगे कि आप असल में क्या हासिल कर सकते हैं। अमन गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमारे समाज में असफलता को बहुत नकारात्मक रूप में देखा जाता है, जो कि बिल्कुल गलत है। उन्होंने युवाओं को मंत्र दिया कि आपको जिंदगी में 100 सफलताओं की जरूरत नहीं है, कामयाब होने के लिए सिर्फ एक बड़ी सफलता ही काफी है। वे खुद अपने स्कूल के दिनों और परीक्षाओं में कई बार असफल हुए, लेकिन उसी से उन्होंने सबसे ज्यादा सीखा। समाज के इस डर पर कि लोग क्या कहेंगे, अमन ने साफ कहा कि लोग तो तब भी बोलेंगे जब आप फेल होंगे और तब भी जब आप सफल हो जाएंगे। इसलिए लोगों की परवाह किए बिना अपने रास्ते पर आगे बढ़ें। एआई और जेन-जी के बदलते दौर पर उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पूरी दुनिया का समीकरण बदल दिया है। आज की ‘जेनजी’ पीढ़ी बेहद स्मार्ट है और हर कोई चैटजीपीटी या अन्य एआई टूल का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि आज की तारीख में तो लोग अपनी चैटिंग या जवाब देने के लिए भी एआई का सहारा ले रहे हैं। अमन का मानना है कि एआई इंसानों को पूरी तरह रिप्लेस नहीं कर सकता, लेकिन जो लोग एआई का इस्तेमाल करना जानते हैं, वे उन लोगों को जरूर पीछे छोड़ देंगे जो इसका इस्तेमाल नहीं करते। पारंपरिक शिक्षा और डिग्रियों की प्रासंगिकता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि केवल एक डिग्री हासिल कर लेने से सब कुछ नहीं मिलता। छात्रों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज के दौरान अलग-अलग इंटर्नशिप करनी चाहिए और नए विषयों को आजमाना चाहिए। जब तक युवा खुद अलग-अलग क्षेत्रों में हाथ नहीं आजमाएंगे, उन्हें यह कभी पता नहीं चलेगा कि उनके लिए क्या सही है। असली खेल सही समय पर सही ‘डिसीजन मेकिंग’ का है। अमन गुप्ता ने युवाओं को यही संदेश दिया कि जिंदगी में प्रयोग करने से न डरें। अगर आप अलग-अलग चीजें ट्राई नहीं करेंगे, तो कभी यह जान नहीं पाएंगे कि आप असल में क्या हासिल कर सकते हैं।



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