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मध्यप्रदेश में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित पन्ना और छतरपुर के किसानों-आदिवासियों का आंदोलन अब दिल्ली पहुंच गया है। गुरुवार को 20 प्रभावित किसानों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से करीब 50 मिनट तक मुलाकात की। राहुल गांधी ने कहा कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और प्रभावित परिवारों के न्यायपूर्ण मुआवजे तथा सम्मानजनक पुनर्वास की मांग करेंगे। मुलाकात में छतरपुर के 11 और पन्ना के 9 किसान प्रतिनिधिमंडल के रूप में शामिल हुए। किसानों ने केन-बेतवा परियोजना के साथ पन्ना की मझगवां बांध और रुंझ परियोजना में विस्थापन और भ्रष्टाचार के आरोप भी राहुल गांधी के सामने रखे। ये भी बोले राहुल गांधी छतरपुर के 24 गांवों पर असर 8 गांव डूब क्षेत्र में आएंगे,16 टाइगर रिजर्व में केन-बेतवा लिंक परियोजना से छतरपुर जिले के 24 गांव प्रभावित हो रहे हैं। इनमें 8 गांव डूब क्षेत्र में आएंगे, जबकि 16 गांव पन्ना टाइगर रिजर्व में शामिल किए जाने हैं। डूब क्षेत्र वाले गांवों में विरोध सबसे अधिक है। ग्रामीण विकसित गांव में भूखंड और 5 लाख रुपए अतिरिक्त सहायता की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन 12.50 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कह रहा है। इसी मांग को लेकर प्रभावित परिवार लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। पानी में चिता आंदोलन के बाद चूल्हाबंदी स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप पानी के अंदर बैठकर चिता आंदोलन किया था। 20 जुलाई की सुबह प्रशासन ने कूपी गांव के बराना नदी घाट से आंदोलनकारियों को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया था। प्रशासन का कहना था कि लगातार बारिश और प्रदर्शनकारियों की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए कार्रवाई की गई। प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद ग्रामीणों ने अब चूल्हाबंदी आंदोलन शुरू कर दिया है। राहुल पहले भी उठा चुके हैं मुद्दा राहुल गांधी ने 27 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया मंच X पर आंदोलन का वीडियो साझा करते हुए लिखा था कि सरकार सत्य और सत्याग्रह से डरती है और शांतिपूर्ण आंदोलन को पुलिस बल से कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा था कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं और जल, जंगल तथा जमीन पर सबसे पहला अधिकार उनका है। वीडियो के साथ एक कविता की पंक्तियां भी साझा की गई थीं, जिसमें प्रभावित परिवारों की पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा गया था कि “हमारे घर बचा लीजिए” और “हमारी बात संसद तक पहुंचाइए।” यह कविता आंदोलनकारियों की आवाज के रूप में चर्चा में आई थी। राहुल गांधी ने तब यह भी कहा था कि कांग्रेस प्रभावित आदिवासी परिवारों और किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। किसान बोले- प्रक्रिया को लेकर व्यापक असंतोष किसानों ने राहुल गांधी को बताया कि परियोजना के कारण गांवों के डूबने, पुनर्वास, मुआवजे और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर व्यापक असंतोष है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पुनर्वास स्थल पहले विकसित किए जाएं और उसके बाद ही विस्थापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। मुलाकात के अंत में राहुल गांधी ने भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और प्रभावित परिवारों की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाएंगे। ये खबर भी पढ़ें… सरकार से लड़ने वाले 2 चेहरे; भूख-धूप और दबाव…लेकिन नहीं डिगे केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के लिए दौधन बांध बनाए जाने के खिलाफ जल सत्याग्रह 10 दिन के लिए टल गया है, लेकिन आंदोलन के दो प्रमुख चेहरे अमित भटनागर और दिव्या अहिरवार सुर्खियों में हैं। अमित रिटायर्ड प्रिंसिपल के बेटे हैं। दिव्या साधारण दलित परिवार से आती हैं। दोनों घर-परिवार छोड़कर रात-दिन विस्थापितों के साथ रहे। खुले आसमान के नीचे सोए। पढ़ें पूरी खबर…
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केन-बेतवा प्रभावितों से मिले राहुल, बोले- संसद में उठाऊंगा मामला:MP के किसानों से 50 मिनट बातचीत; कहा- सरकार संवाद करे, दमन नहीं
