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परिषद की लॉटरी निकलते ही पूर्व-सभापति की पत्नी का पोस्टर-लॉन्च:जिला प्रमुख की सीट पर भाजपा के सीनियर नेता को झटका लगा; राजनीतिक पार्टियों के लिए चुनौतियां बढ़ेंगी




सीकर में जिला प्रमुख और सभी निकायों (नगर परिषद और नगर पालिकाओं) के चेयरमैन की लॉटरी गुरुवार को निकली गई। जिला प्रमुख का पद ओबीसी महिला कैटेगरी के लिए रिजर्व हुआ है। वहीं, सीकर में नगर परिषद सभापति अनारक्षित महिला बनेगी। इस तरह सीकर हैडक्वार्टर के निकाय व पंचायतीराज संस्थाओं की हैड महिला होंगी। दोनों पदों की लॉटरी खुलते ही नेताओं ने जोड़-तोड़ के समीकरण लगाने शुरू कर दिए हैं। खास बात है कि नगर परिषद में अनारक्षित महिला की लॉटरी की घोषणा होते ही निवर्तमान सभापति जीवण खां की पत्नी खतीजा बानो का पोस्टर भी लॉन्च हो गया है। दरअसल, नगर परिषद के सभापति पद पर चौथी बार महिला बैठेगी। इससे पहले सीकर में सलमा बानो, विमला कुल्हरी और राजेश्वरी सैनी सभापति रह चुकी हैं। वहीं, सीकर में लगातार 5वीं बार महिला जिला प्रमुख बनने की तैयारी है। सीकर में इससे पहले रीटा सिंह, मल्ली देवी गुर्जर, अपर्णा रोलन और गायत्री कंवर जिला प्रमुख बन चुकी हैं। भाजपा के सीनियर नेता को झटका जिला प्रमुख का ओबीसी महिला रिजर्व सीट होने के कारण भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेमसिंह बाजौर की उम्मीदों को झटका लगा है। प्रेमसिंह बाजौर के भाई की पत्नी गायत्री कंवर अभी तक जिला प्रमुख थीं। दूसरी तरफ निवर्तमान उपजिला प्रमुख ताराचंद धायल की कसक भी अधूरी रह गई। सीकर में जिला प्रमुख के पद पर अब जाट, माली या कुम्हार समाज की महिला की ताजपोशी हो सकती है। सीकर में जनसंख्या के हिसाब से देखें तो ओबीसी महिला से जुड़े सबसे ज्यादा वोटर इन्हीं तीनों जातियों के हैं। ऐसे में दोनों ही प्रमुख पार्टियां भाजपा-कांग्रेस बड़े वोटबैंक को ध्यान में रखते हुए इन तीनों समाज का राजनीतिक लाभ भुनाना चाहेंगी। अब बात करते हैं सीकर नगर परिषद की सीकर नगर परिषद के सभापति के लिए अनारक्षित महिला की लॉटरी निकली है। लॉटरी निकलते ही सीकर शहर के सवर्ण समाज राजपूत, कायस्थ, महाजन, ब्राह्मण और जैन समाज की उम्मीदें बढ़ गई हैं। सीकर में काफी समय बाद अनारक्षित महिला की सीट आई है। ऐसे में सवर्ण समाज इसे एक अवसर के रूप में देख रहा है। क्योंकि ओबीसी या एससी रिजर्व कैटेगरी में सवर्ण समाज का दावा नहीं होता है, इसलिए अनारक्षित कैटेगरी ही सवर्ण समाज की एकमात्र उम्मीद होती है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में सवर्ण समाज सभापति पद के लिए पूरी पैरवी करेगा। यहां बात करें तो सीकर में अभी ब्राह्मण समाज के राजेंद्र पारीक विधायक हैं, ऐसे में कांग्रेस में सवर्ण समाज के ब्राह्मणों ने लॉबिंग शुरू कर दी है। भाजपा में ये मसला थोड़ा पेचीदा है क्योंकि भाजपा से सभापति की दावेदारी करने वालों में राजपूत और महाजन भी पीछे नहीं हैं। वहीं, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी भी सीकर के हैं। ब्राह्मण समाज के बड़े नेता माने जाते हैं। इसलिए ब्राह्मण समाज सभापति पद के लिए घनश्याम तिवाड़ी से पूरी सिफारिश करेगा। लॉटरी निकलते ही पॉस्टर लॉन्च चर्चा में इधर, अनारक्षित महिला की लॉटरी की घोषणा होते ही निवर्तमान सभापति जीवण खां की पत्नी खतीजा बानो का पोस्टर भी लॉन्च हो गया है। सोशल मीडिया पर पोस्टर लॉन्चिंग के साथ ही शहर में राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। खतीजा बानो 3 बार पार्षद रह चुकी हैं और जीवण खां 2014 से लगातार 2 बार सभापति रहे हैं। राजनीतिक पार्टियों के लिए चुनौतियां बढ़ेंगी कुल मिलाकर सीकर में जिला प्रमुख और सीकर सभापति के पद पर मुकाबला दिलचस्प होगा। सीकर शहर में सवर्ण समाज की दावेदारी राजनीतिक पार्टियों के लिए चुनौतियां बढ़ाएगी। सीकर शहर में सभापति के लिए दावेदारी करने वालों में माली समाज और मुस्लिम समाज भी पीछे नहीं है। दोनों ही समाजों का राजनीतिक हस्तक्षेप भी राजनीतिक दलों में काफी है। इधर, सीकर नगर परिषद की सीमा विस्तार के बाद आसपास के काफी गांव भी शहर में जुड़ गए हैं। गांवों के लोग भी पहली बार शहर की सरकार का मुखिया बनने की तैयारी करेंगे। प्रदेश में सरकार होने के कारण भाजपा में जोर आजमाइश ज्यादा है, वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का गृह जिला और कांग्रेस पार्टी का पुराना गढ़ होने के कारण यहां भी दावेदारों की भीड़ कम नहीं है।



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