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हिमाचल का खेलो इंडिया फंड अटका:मंत्री गोमा ने केंद्र पर साधा निशाना; कहा-किस्तों में देरी से परियोजनाओं पर संकट




धर्मशाला में युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने पत्रकार वार्ता के दौरान ‘खेलो इंडिया’ के तहत केंद्र से मिलने वाले फंड में देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से समय पर किस्तें जारी नहीं होने के कारण हाई-अल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर सहित प्रदेश की कई महत्वपूर्ण खेल परियोजनाओं के काम प्रभावित हो रहे हैं। मंत्री गोमा ने कहा कि राज्य सरकार अपने स्तर पर खेल सुविधाओं के रखरखाव और विकास के लिए बजट उपलब्ध करवा रही है, लेकिन केंद्र से मिलने वाली राशि का समय पर जारी होना आवश्यक है। उन्होंने चंबा और धर्मशाला में नए खेल हॉस्टल और खेल केंद्र स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की जानकारी भी दी। गोमा ने बताया कि प्रदेश में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से इस वर्ष अक्टूबर या नवंबर में राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर होने वाले इस आयोजन के लिए लगभग 15 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। प्रदेशभर से 8 से 10 हजार युवा लेंगे हिस्सा यह प्रतियोगिताएं ब्लॉक और क्लब स्तर से शुरू होकर जिला और राज्य स्तर तक पहुंचेंगी। इसमें प्रदेशभर से 8 से 10 हजार युवाओं के हिस्सा लेने की संभावना है। विजेताओं को पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार शाहपुर और जयसिंहपुर समेत सात-आठ इनडोर स्टेडियमों के रखरखाव के लिए अपने स्तर पर बजट जारी कर चुकी है। जिले में करीब 600 करोड़ रुपए का मेगा एडवेंचर और जू प्रोजेक्ट प्रस्तावित खेल मंत्री ने कांगड़ा के विकास को लेकर विपक्ष के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 600 करोड़ रुपए का मेगा एडवेंचर और जू प्रोजेक्ट प्रस्तावित है, जिससे पर्यटन और साहसिक खेलों को बढ़ावा मिलेगा। टांडा मेडिकल कॉलेज में पुरानी मशीनरी को बदला गया है और एसोसिएट प्रोफेसर तथा सीनियर रेजिडेंट के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री ने गुसाऊ पेयजल परियोजना को भी मंजूरी दी है। राजनीति में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी मुख्यमंत्री के खिलाफ विधायक की कथित अमर्यादित टिप्पणी पर गोमा ने कहा कि हिमाचल देवभूमि है और राजनीति में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने विधायक से बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा। गोमा ने कहा कि व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के बजाय विधायक को कांगड़ा के विकास के मुद्दों पर सरकार से सवाल करने चाहिए और अपने क्षेत्र की जनता की आवाज उठानी चाहिए।



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