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चंडीगढ़ में व्हील क्लैंप चोरी करना पड़ा भारी:7 साल चला केस; एक महीना जेल, 4 हजार जुर्माना, कार गलत जगह पार्क की थी




चंडीगढ़ में गलत पार्किंग पर कार में लगाया गया व्हील क्लैंप चोरी करना एक युवक को भारी पड़ गया। सात साल तक चंडीगढ़ अदालत में केस चलने के बाद जिला अदालत ने दशमेश नगर, जीरकपुर निवासी विशाल कुमार को दोषी करार दिया है। अदालत ने उस पर 4 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इस दौरान विशाल को करीब एक महीना जेल में भी रहना पड़ा और एक समय उसे भगोड़ा भी घोषित किया गया था। उसे बाद में 50 हजार रुपये के जमानती बांड पर जमानत मिली। सिंधी स्वीट्स के सामने खड़ी की कार मामला 22 फरवरी 2019 का है। विशाल ने सेक्टर-8 में सिंधी स्वीट्स के सामने कार गलत जगह पार्क की थी। ट्रैफिक पुलिस ने कार के एक टायर पर व्हील क्लैंप लगा दिया और गलत पार्किंग का चालान भी किया। पुलिसकर्मी मौके से चले गए तो विशाल ने कार से स्टेपनी निकाली और क्लैंप लगे टायर को बदल दिया। इसके बाद वह कार लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस को जब व्हील क्लैंप गायब होने की जानकारी मिली तो सेक्टर-3 थाना पुलिस ने उसके खिलाफ चोरी की धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद 3 अप्रैल 2019 को अदालत में चालान पेश कर दिया। केस की सुनवाई के दौरान विशाल शुरुआत में अदालत में पेश होता रहा, लेकिन बाद में कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के दौरान उसकी पेशी नहीं हुई। लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी वह अदालत में पेश नहीं हुआ। लगातार अदालत में पेश नहीं होने पर उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। 22 जुलाई 2021 को उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए। इसके बाद 5 नवंबर 2022 को अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। पुलिस ने करीब तीन साल पहले उसे गिरफ्तार किया। 1 मई 2023 को गिरफ्तारी के बाद उसे करीब एक महीने जेल में रहना पड़ा। इसके बाद 2 जून 2023 को उसे 50 हजार रुपये के जमानती बांड पर जमानत मिली। आखिरकार सात साल बाद फैसला मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए 4 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई। इस तरह गलत पार्किंग पर लगे एक व्हील क्लैंप को हटाकर चोरी करना उसे सात साल तक अदालत के चक्कर लगाने के साथ-साथ जेल तक ले गया। सिलसिलेवार जानिए केस की टाइमलाइन…. 22 फरवरी 2019: पुलिस ने केस दर्ज किया। 3 अप्रैल 2019: अदालत में चालान पेश किया गया। 3 फरवरी 2020 के बाद: आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ। 22 जुलाई 2021: गैर-जमानती वारंट जारी हुए। 5 नवंबर 2022: आरोपी को भगोड़ा घोषित किया गया। 1 मई 2023: पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। 2 जून 2023: 50 हजार रुपये के जमानती बांड पर जमानत मिली। 6 अगस्त 2026: अदालत ने दोषी ठहराते हुए 4 हजार रुपये जुर्माना लगाया।



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