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मेरठ शहर में शुक्रवार को हुई लगभग आधे घंटे बारिश के बाद ही जगह जगह जलभराव की स्थिति बन गई। ऐसे ही हालात लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के परिसर में भी देखने को मिले। बारिश का पानी ओपीडी तक पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत टीबी वार्ड की ओपीडी (ओपीडी नंबर-16) में देखने को मिली, जहां मरीज पानी से होकर इलाज कराने पहुंचने को मजबूर हुए। मरीजों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। वहीं छात्र नेताओं ने भी अस्पताल प्रबंधन से जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और बारिश के मौसम में टीबी ओपीडी को अस्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग उठाई है। वहीं मेडिकल प्रबंधन द्वारा ओपीडी में पानी को जाने से रोकने के लिए अब 16 नंबर ओपीडी में एंट्री के स्थानों पर दीवार बना दी गई है जिसके चलते पानी तो रूक गया लेकिन मरीजों को अब उसके कारण भी बाने जाने में दिक्कत हो रही है क्योंकि बड़ी संख्या में बुजुर्ग लोग भी यहां इलाज के लिए आते हैं।
छात्र नेता ने उठाई व्यवस्था सुधारने की मांग छात्र नेता विनीत चपराना ने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। उनका कहना है कि ओपीडी तक पानी पहुंचने से मरीजों को संक्रमण और फिसलने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने मांग की कि यदि बारिश के मौसम में टीबी ओपीडी में जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान संभव नहीं है, तो बारिश का मौसम खत्म होने तक इसे किसी अन्य ब्लॉक या इमरजेंसी परिसर में स्थानांतरित किया जाए, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। स्थायी समाधान का इंतजार बारिश के बाद मेडिकल कॉलेज में जलभराव की समस्या एक बार फिर सामने आने से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि हर मानसून में यही हाल रहता है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि इस बार अस्पताल प्रशासन जलनिकासी व्यवस्था में सुधार कर मरीजों को राहत दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई करेगा।
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मेरठ मेडिकल में जलभराव से परेशान हुए मरीज और तीमारदार:ओपीडी से लेकर इमरजेंसी और वार्ड हर जगह का आवागमन हुआ प्रभावति
