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भले ही चंडीगढ़ देश के आजाद होने के बाद बसा है, लेकिन इसके बावजूद शहर अपने सीने में आजादी के संघर्ष की यादों को संजोए बैठा है। यहां पर आज भी आजादी के लिए जान कुर्बान करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के कपड़े, किताबें और लेटर सब संजोकर रखे गए हैं। यहां बात हो रही है सेक्टर-15 स्थित द्वारका दास लाइब्रेरी की, जोकि बंटवारे से पहले लाहौर में थी। बाद में पहले शिमला और बाद में चंडीगढ़ में स्थापित की गई। इसी लाइब्रेरी में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और चंद्रशेखर आजाद पढ़ने आते थे। लाइब्रेरी में क्रातिकारियों की पढ़ी किताबें भी उपलब्ध लाइब्रेरी में क्रातिकारियों द्वारा पढ़ी किताबें भी रखी गई हैं। इसके अलावा भगत सिंह की फांसी के फैसले की कॉपी यहां सुरक्षित है। इसके अलावा लाला लाजपत राय के कपड़े, उनके द्वारा लिखे पत्र और सारी चीजें संजोकर रखी गई हैं। लाइब्रेरी में बंटबारे का दर्द देखा जा सकता है। लाइब्रेरी के लाहौर से चंडीगढ़ तक के सफर को जानिए… भगत सिंह के फैसले की कॉपी, लाला जी के कपड़े भी सुरक्षित भगत सिंह पर ट्रायल लाहौर में चला था। उस समय की केस की जजमेंट भी यहां संरक्षित है। इसके अलावा भगत सिंह पर जिस भी लेखक ने किताबें लिखी हैं उन्हें संजोकर रखा गया है। वहीं लाजपत राय की कलेक्शन की बहुत कुछ है। उनके द्वारा लिखी किताबें, हाथ लिखित लेटर पड़े हैं। यह उन्होंने गोपाल गोखले जी को लिखे थे। उन्होंने आर्य समाज, एजुकेशन सिस्टम लिखा है। उन्होंने हिंदी, इंग्लिश समेत कई भाषाओं में लिखा है। लाजपत राय भवन में द पीपल, जोकि लाहौर से स्टार्ट किया था उसकी कॉपी है। लाल लाजपत राय जी के कपड़े भी सुरक्षित करके रखे। उनकी बास्केट, पजामा, थैला, खेस अचानक आखिरी टाइम में थे। वह भी संजोकर रखे गए हैं। लाइब्रेरी में डेढ़ इंच की गीता भी मैनुस्क्रिप्ट, जिन्हें हिंदी में पांडुलिपि या हस्तलिपि कहा जाता है, उसकी कलेक्शन भी लाइब्रेरी में है। इनमें शिव महापुराण, विष्णु सहस्रनाम, महाभारत हाथ से लिखे हैं। डेढ़ इंच की गीता भी है। उसके अलावा संस्थान में सबसे पुरानी पुस्तक 1702 की है। यह विलियम डैनियल की लंदन से भारत तक की यात्रा का वृत्तांत है। लाइब्रेरी में लाला लाजपत राय जी द्वारा 8 मई 1922 को दान की गई 5400 पुस्तकों का पहला रजिस्टर है।
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चंडीगढ़ की लाइब्रेरी में छिपा बंटवारे का दर्द:भगत सिंह की फांसी के फैसले की कॉपी उपलब्ध; लाला जी के कपडे़-डेढ़ इंच की गीता सुरक्षित
