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हिमाचल-CBSE स्कूलों में टीचरों की नियुक्ति का मामला उलझा:मई में रिजल्ट, अगस्त तक नियुक्ति नहीं; दोबारा कैबिनेट में चर्चा की तैयारी, कुछ हाईकोर्ट पहुंचे




हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में चयनित 6200 टीचरों को लगभग साढ़े तीन महीने बाद भी तैनाती नहीं मिल पाई। इनकी नियुक्ति का मामला अब उलझता जा रहा है। सरकार इस मसले को दोबारा कैबिनेट में ले जाने की तैयारी कर रही है। इस बीच कुछ चयनित टीचरों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस देरी से न केवल चयनित टीचर परेशान है, बल्कि सीबीएसई स्कूलों में पंजीकृत स्टूडेंट की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इसी वजह से अब कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को सरकारी सीबीएसई स्कूलों से निकालना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार- सरकार सीबीएसई स्कूलों में पहले से मौजूद टीचरों को ट्रांसफर करने की हिम्मत नहीं दिखा पा रही, क्योंकि इन स्कूलों में ज्यादातर टीचर अफसरों और नेताओं की पत्नियां व रिश्तेदार है। इनकी जगह जब सीबीएसई के लिए चयनित टीचर आएंगे तो इन्हें दूसरे स्कूलों को शिफ्ट करना पड़ेगा। सरकार इस कदम से बचना चाह रही है। साढ़े तीन महीने पहले आ चुका रिजल्ट सीबीएसई के लिए चयनित इन शिक्षकों का रिजल्ट मई के पहले सप्ताह में आ चुका है। तब माना जा रहा था कि मई के तीसरे सप्ताह तक इन्हें नियुक्ति मिल जाएगी। मगर सरकार ऐसा नहीं कर सकी। इसके बाद कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया, जिसे चयनित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सिफारिशें देने को बोला गया। दोबारा कैबिनेट में जा सकता है मामला डिप्टी सीएम की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट सब कमेटी ने मेरिट के आधार पर चयनित टीचरों को चाइस के स्टेशन देने की सिफारिश की। कैबिनेट में भी इस पर चर्चा हुई। फिर भी नियुक्ति नही दी गई। सूत्र बताते हैं कि अब दोबारा से यह मामला कैबिनेट में ले जाने की तैयारी है। कैबिनेट मीटिंग में चर्चा के बाद इस पर अंतिम फैसला हो सकता है। बता दें कि सरकार ने सरकारी स्कूलों से प्राइवेट को हो रहे प्लायन को रोकने के मकसद से इस बार लगभग 150 स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू किया है। प्रदेश में बढ़ी संख्या में बच्चे प्राइवेट को छोड़कर प्राइवेट स्कूलों में आए। मगर सरकार लंबे समय से टीचरों को नियुक्ति नहीं दे पा रही। इससे कुछ बच्चे स्कूल छोड़ने लगे है। पहले परीक्षा, फिर कैबिनेट सब कमेटी सीबीएसई स्कूलों में तैनाती के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के माध्यम से शिक्षकों की चयन परीक्षा ली गई। परीक्षा में सफल शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता, सेवा रिकॉर्ड, अनुभव और मेरिट के आधार पर तैनाती की जानी है। शिक्षा बोर्ड में मई माह में ही चयनित टीचरों की मेरिट लिस्ट शिक्षा विभाग को सौंप रखी है। वहीं चयनित टीचरों ने सरकार से मेरिट के आधार पर नियुक्ति देने का आग्रह कर रखा है। सैद्धांतिक तौर पर शिक्षा मंत्री और सीएम ने भी शिक्षकों की इस मांग को मान रखा है। मगर अंतिम फैसला लेने की सरकार हिम्मत नहीं दिखा पा रही। इससे लगभग 6200 चयनित शिक्षकों की नियुक्ति का इंतजार पूरा नहीं हो रहा।



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