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पठानकोट में ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता चलन स्थानीय व्यापारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसके कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है। पठानकोट व्यापार मंडल से जुड़े नितिन महाजन ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऑनलाइन कारोबार का स्थानीय दुकानदारों के व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है। नितिन महाजन ने बताया कि ऑनलाइन कंपनियाँ अक्सर सामान बहुत कम कीमतों पर उपलब्ध कराती हैं। स्थानीय दुकानदारों के लिए इन कीमतों पर प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल होता है, क्योंकि उन्हें दुकान का किराया, बिजली बिल, कर्मचारियों का वेतन और विभिन्न कर जैसे व्यावसायिक खर्च वहन करने पड़ते हैं। उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचे जाने वाले सामान की गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट पर भी सवाल उठाए। महाजन का आरोप है कि कई बार एक्सपायरी हो चुके या एक्सपायरी के करीब पहुँचे उत्पादों को भी ऑफर और कम कीमत के नाम पर ऑनलाइन बेचा जाता है। व्यापारियों ने ऐसे मामलों में संबंधित विभागों से निगरानी और कार्रवाई की मांग की है। व्यापार मंडल की अपील सरकार ऑनलाइन व्यापार से नियमों की समीक्षा करे व्यापार मंडल के प्रधान अनिल ने भी इस बात पर जोर दिया कि पिछले काफी समय से स्थानीय व्यापारियों को ऑनलाइन कारोबार के कारण नुकसान हो रहा है। उन्होंने सरकार से छोटे और स्थानीय व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसी नीति बनाने का आग्रह किया, जिससे ऑनलाइन कंपनियों और स्थानीय दुकानदारों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित हो सके। व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार से अपील की है कि ऑनलाइन व्यापार से जुड़े करों और अन्य नियमों की समीक्षा की जाए। उनका कहना है कि छोटे दुकानदारों को राहत प्रदान की जानी चाहिए ताकि वे भी अपना व्यवसाय सुचारू रूप से चला सकें।
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ऑनलाइन शॉपिंग से पठानकोट के बाजारों पर असर:ग्राहकों की संख्या घटी; व्यापार मंडल ने सरकार से नियमों की समीक्षा की मांग की
