Headlines

5 साल धान छोड़ने पर 2 हजार और सीधी बिजाई पर 1500 बढ़ेगी प्रोत्साहन राशि



हरियाणा सरकार धान की खेती में इस्तेमाल होने वाले पानी को बचाने और किसानों का रुझान कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों की तरफ बढ़ाने के लिए कदम उठाने की तैयारी में है। कृषि विभाग ने खरीफ सीजन 2026 से 2030 तक 5 साल की प्रोत्साहन योजना का प्रस्ताव तैयार किया है। लगातार 5 साल धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) करने पर प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि 4,500 से बढ़कर 6 हजार रुपए होगी। धान की जगह दूसरी फसल उगाने पर राशि 8 हजार से बढ़कर 10 हजार रुपए हो जाएगी। योजना उसी जमीन के लिए होगी, जिस पर लगातार 5 साल धान की सीधी बिजाई या दूसरी फसलें उगाई जाएंगी। 1.31 लाख किसानों ने कराया पंजीकरण : धान की सीधी बिजाई के लिए 1,31,693 किसानों ने 6,85,757 एकड़ के लिए पंजीकरण कराया। इसमें 73,563 किसानों की 3,49,182 एकड़ जमीन वेरिफाई हो गई। सिरसा में सबसे अधिक 26586 किसानों ने 190401 एकड़ के लिए पंजीकरण कराया है। 5 साल में ऐसे बढ़ेगी राशि वर्ष डीएसआर धान की जगह वैकल्पिक फसल/खाली खेत 2026 274,500 8,000 2027 284,700 8,300 2028 295,000 8,800 2029 305,400 9,400 2030 316,000 10,000 (राशि रुपए में है।) एक ही किला नंबर पर लगातार खेती जरूरी किसान को 2026 में दर्ज किला नंबर पर लगातार खेती करनी होगी। किसी साल योजना छोड़ी तो उस साल प्रोत्साहन नहीं मिलेगा। बाद में उसी किला नंबर पर नया पंजीकरण माना जाएगा और प्रोत्साहन फिर शुरुआती राशि से शुरू होगा। ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत धान की जगह मक्का, कपास, मूंग, उड़द, ग्वार, सोयाबीन, मोठ, तिल, अरंडी, मूंगफली, खरीफ प्याज, चारा, पोपलर-यूकेलिप्टस, बागवानी और सब्जियां लगाने वाले किसानों को प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है। जो किसान धान की जगह खरीफ सीजन में खेत खाली रखेंगे, उन्हें भी इस योजना का लाभ देने का प्रस्ताव है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *